
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ (Namo Drone Didi Scheme) भारत के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और महिलाओं को लखपति बनाने के संकल्प को साकार कर रही है। इस योजना के तहत देश की हजारों महिलाओं को ड्रोन उड़ाने, उसका रखरखाव करने और डेटा विश्लेषण की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह न केवल महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बना रही है, बल्कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में मोटी सैलरी और स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।
क्या है नमो ड्रोन दीदी योजना?
इस योजना का लक्ष्य देशभर के 15,000 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ड्रोन प्रदान करना है। इन ड्रोनों का उपयोग खेतों में कीटनाशकों (Pesticides) और उर्वरकों (Fertilizers) के छिड़काव के लिए किया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं को ‘ड्रोन पायलट’ के रूप में तैयार किया जाता है।
ट्रेनिंग और वित्तीय लाभ
- 15 दिनों की ट्रेनिंग: चयनित महिलाओं को सरकार द्वारा 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें 5 दिन का अनिवार्य ड्रोन पायलट प्रशिक्षण और 10 दिन का कृषि संबंधित छिड़काव प्रशिक्षण शामिल है।
- मानदेय (Salary): ड्रोन दीदी के रूप में काम करने वाली महिलाओं को प्रतिमाह ₹10,000 से ₹15,000 तक का मानदेय (Salary) मिल सकता है। इसके अलावा, छिड़काव के आधार पर वे अतिरिक्त कमीशन भी कमा सकती हैं।
- फ्री ड्रोन: स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन खरीदने के लिए सरकार 80% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹8 लाख) प्रदान करती है।
खेती में ड्रोन के फायदे
- समय की बचत: जिस खेत में छिड़काव करने में घंटों लगते थे, ड्रोन उसे मात्र 15-20 मिनट में पूरा कर देता है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: किसानों को जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क में नहीं आना पड़ता।
- पानी की बचत: ड्रोन तकनीक से छिड़काव करने में पारंपरिक तरीकों की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
- पात्रता: आवेदक महिला का किसी ‘स्वयं सहायता समूह’ (SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, SHG का पहचान पत्र, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो।
- आवेदन कैसे करें: 1. आवेदन के लिए सरकार के आधिकारिक Lakhpati Didi पोर्टल या Namo Drone Didi के विशेष अनुभाग पर जाएं। 2. आप अपने नजदीकी ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) या आजीविका मिशन के जिला कार्यालय में जाकर भी फॉर्म भर सकती हैं। 3. वर्तमान में कई राज्यों में इसके लिए ‘नया लिंक’ राज्य सरकार के कृषि विभागों की वेबसाइट पर सक्रिय किया गया है।









