
अगर आपके पास ऐसी जमीन है जहाँ सिंचाई की कमी या पथरीली मिट्टी के कारण खेती नहीं हो पा रही है, तो अब वह जमीन आपको हर महीने मोटी कमाई करके देगी। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान’ (PM-KUSUM) के तहत किसान अपनी बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा कर सकते हैं और उसे सरकार को बेचकर लाखों रुपये कमा सकते हैं।
90% सब्सिडी का गणित
सोलर पैनल लगाने का खर्च काफी अधिक होता है, लेकिन सरकार इसे किसानों के लिए बेहद सस्ता बना रही है:
- केंद्र सरकार की ओर से: कुल खर्च का 30% हिस्सा केंद्र सरकार देती है।
- राज्य सरकार की ओर से: 30% हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है।
- बैंक लोन: बाकी बचे खर्च का 30% हिस्सा बैंक से लोन के रूप में मिल सकता है।
- किसान का हिस्सा: किसान को कुल लागत का मात्र 10% ही अपनी जेब से देना होता है।
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इस योजना के जरिए किसान दो तरह से लाभ कमा सकते हैं:
- बिजली बेचकर: अपनी बंजर जमीन पर सोलर पावर प्लांट (0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट तक) लगाएं। इससे पैदा होने वाली बिजली को बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) खरीदेगी, जिससे आपको अगले 25 सालों तक हर महीने तय आमदनी होगी।
- जमीन किराए पर देकर: यदि आपके पास निवेश के लिए पैसे नहीं हैं, तो आप अपनी जमीन डेवलपर को किराए पर दे सकते हैं। कंपनियां आपको प्रति एकड़ के हिसाब से सालाना किराया देंगी।
योजना के मुख्य लाभ
- बंजर जमीन का इस्तेमाल: जो जमीन बेकार पड़ी थी, वह आय का जरिया बन जाएगी।
- फ्री बिजली: किसान अपनी सिंचाई के लिए सोलर पंप भी लगा सकते हैं, जिससे बिजली का बिल शून्य हो जाएगा।
- पर्यावरण की सुरक्षा: यह पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त ऊर्जा है।
- स्थिर आय: फसल खराब होने का डर नहीं, धूप से हर दिन कमाई पक्की है।
आवेदन कैसे करें और जरूरी दस्तावेज?
सोलर पैनल लगवाने के लिए आपको राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (Renewable Energy Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जमीन के दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी)
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो
- घोषणा पत्र (कि जमीन बंजर है या खेती योग्य नहीं है)









