
यदि आप भी चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक भुगतान के लिए UPI (Unified Payments Interface) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, 1 मार्च 2026 से UPI ट्रांजैक्शन से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और डेली पेमेंट लिमिट पर पड़ेगा।
1. डेली ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव
नए नियमों के तहत, सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए NPCI अलग-अलग कैटेगरी के लिए पेमेंट लिमिट को संशोधित कर रहा है।
- सामान्य ट्रांजैक्शन: आम यूजर्स के लिए प्रतिदिन की लिमिट ₹1 लाख तक ही सीमित रहेगी।
- विशेष कैटेगरी: अस्पताल, शिक्षण संस्थान और आईपीओ (IPO) निवेश के लिए इस लिमिट को बढ़ाकर ₹5 लाख तक किया गया है, ताकि बड़े भुगतान आसानी से हो सकें।
- P2P ट्रांसफर: एक बैंक खाते से दूसरे व्यक्तिगत खाते में पैसे भेजने की सीमा को और सख्त किया जा सकता है ताकि फ्रॉड पर लगाम लगे।
2. इंटरचेंज चार्जेस और वॉलेट ट्रांजैक्शन
1 मार्च से मर्चेंट ट्रांजैक्शन (दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान) पर नए चार्जेस लागू हो सकते हैं।
- PPI (Prepaid Payment Instruments): यदि आप पेटीएम या फोनपे वॉलेट के जरिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान किसी मर्चेंट को करते हैं, तो उस पर इंटरचेंज फीस ली जा सकती है।
- नोट: ध्यान दें कि यह चार्ज दुकानदारों को देना होता है, आम ग्राहकों के लिए UPI भुगतान अभी भी पूरी तरह मुफ्त रहेगा।
3. ‘सेकेंडरी ऑथेंटिकेशन’ और सुरक्षा नियम
डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए, 1 मार्च से बड़े ट्रांजैक्शन (High-Value Transactions) के लिए अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जोड़ी जा सकती है।
- अब बड़े अमाउंट के ट्रांसफर पर बैंक आपसे ‘एडिशनल ऑथेंटिकेशन’ या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की मांग कर सकते हैं।
- संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने पर बैंक को तुरंत पेमेंट रोकने का अधिकार होगा।
UPI आईडी होंगी बंद
अगर आपने पिछले 1 साल से अपनी किसी UPI आईडी (जैसे- Google Pay, PhonePe या Amazon Pay आईडी) का उपयोग नहीं किया है, तो 1 मार्च के बाद उसे स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य उन आईडी को हटाना है जो उपयोग में नहीं हैं और जिनका गलत इस्तेमाल होने की संभावना है।
UPI यूजर्स के लिए जरूरी सुझाव
- लिमिट चेक करें: अपने बैंक ऐप में जाकर अपनी डेली लिमिट को अपनी जरूरत के अनुसार सेट करें।
- KYC अपडेट रखें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक अकाउंट और UPI ऐप पूरी तरह KYC अपडेटेड है।
- आईडी एक्टिव रखें: अगर आपकी कोई पुरानी UPI आईडी है जिसे आप इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो 1 मार्च से पहले उससे कम से कम एक ट्रांजैक्शन जरूर कर लें।









