
मशहूर फिल्म मेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) ने सुपरस्टार यश की फिल्म ‘Toxic’ और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ के बीच होने वाली बॉक्स ऑफिस भिड़ंत में घी डालने का काम किया है। 19 मार्च को होने वाले इस बड़े क्लैश पर टिप्पणी करते हुए RGV ने कहा कि यह सिर्फ दो फिल्मों की नहीं, बल्कि दो अलग-अलग सोच की लड़ाई है। उन्होंने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि जहाँ ‘धुरंधर’ दर्शकों की समझदारी पर भरोसा करती है, वहीं ‘Toxic’ उन्हें कमअक्ल मानकर बनाई गई लगती है। वर्मा के इस तीखे बयान ने सोशल मीडिया पर यश और रणवीर के फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है।
RGV ने ‘धुरंधर 2’ और ‘Toxic’ की टक्कर को बताया ‘डेविड बनाम गोलियथ’ की जंग
फिल्म मेकर राम गोपाल वर्मा ने यश की फिल्म ‘Toxic’ और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के बीच 19 मार्च को होने वाले महा-मुकाबले को एक ‘पौराणिक युद्ध’ करार दिया है। उन्होंने इसे #Dhuroxic पार्क का नाम देते हुए लिखा कि यह भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी भिड़ंत होने वाली है।
RGV ने दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि जहाँ कभी ‘KGF 2’ की कमाई पहाड़ जैसी (गोलियथ) लगती थी, वह ‘धुरंधर’ की सफलता के आगे छोटी (डेविड) पड़ गई। लेकिन अब, ‘धुरंधर 2’ खुद एक ‘डेविड’ की तरह खड़ी है जो ‘Toxic’ जैसे नए ‘गोलियथ’ को चुनौती दे रही है। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि यह मुकाबला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि सिनेमाई वर्चस्व का है।
उत्तर बनाम दक्षिण नहीं, बल्कि दो सिनेमाई संस्कृतियों का युद्ध
राम गोपाल वर्मा ने साफ किया है कि यश और रणवीर की फिल्मों के बीच होने वाली यह टक्कर ‘बॉलीवुड बनाम सैंडलवुड’ (कन्नड़ सिनेमा) का मुकाबला नहीं है। उन्होंने इस क्लैश को #Dhuroxic का नाम देते हुए लिखा, “मेरा मानना है कि यह लड़ाई उत्तर बनाम दक्षिण की नहीं है। यह असल में दो अलग-अलग संस्कृतियों और कहानी कहने के दो अलग अंदाजों के बीच का एक जबरदस्त टकराव है।” RGV का मानना है कि दोनों फ़िल्में अपने आप में एक अलग सिनेमाई दुनिया का प्रतिनिधित्व करती हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक किस ‘कल्चर’ को ज्यादा पसंद करते हैं।
‘Toxic’ ने दर्शकों को समझा ‘नासमझ’, जबकि ‘धुरंधर’ करती है बुद्धि का सम्मान
राम गोपाल वर्मा ने यश और रणवीर की फिल्मों की तुलना करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों फिल्मों के बीच सबसे बड़ा अंतर ‘सोच’ का है। RGV के मुताबिक, #Dhurandhar दर्शकों की समझदारी और बुद्धिमानी का सम्मान करती है, जबकि #Toxic यह मानकर चल रही है कि दर्शक ‘नासमझ’ हैं। उन्होंने यश की पिछली फिल्म ‘KGF 2’ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह एक स्थानीय फिल्म थी जिसने आम जनता की नासमझी का फायदा उठाया, जबकि ‘धुरंधर’ ने लोगों की इंटेलिजेंस पर भरोसा किया और इसीलिए वह ग्लोबल हिट रही।
RGV का खुलासा
राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर’ के हैरान करने वाले आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लगभग 130 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 1500 करोड़ का कलेक्शन कर यह साबित कर दिया कि आम जनता (Masses) मसाला फिल्म बनाने वालों की सोच से कहीं ज्यादा समझदार है। उन्होंने निर्देशक आदित्य धर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कभी दर्शकों को ‘कमअक्ल’ नहीं समझा। RGV के अनुसार, फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता दर्शकों का करारा जवाब था कि, “हाँ, हम बुद्धिमान हैं और हमें नोटिस करने के लिए शुक्रिया।” उन्होंने ‘मसाला मर्चेंट्स’ को चेतावनी दी कि अब दर्शकों को हल्के में लेना बंद करना होगा।
THE #Dhuroxic PARK
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) February 22, 2026
NO, I am not talking about TWO BIG FILMS #Dhurandhar2 and #Toxic releasing on March 19th. I am actually talking about a NEVER BEFORE SEEN or EXPERIENCED mythical archetype EXPLODING in the GRAND ARENA of INDIAN CINEMAS.
It is a BATTLE between DAVID AND GOLIATH…
RGV ने बताया क्यों ‘धुरंधर’ के आगे ‘Invincible God’ वाली फिल्में फेल हैं
RGV के अनुसार, बॉक्स ऑफिस पर असली मुकाबला ‘नायक की अंधभक्ति’ और ‘स्वाभाविक कहानी’ के बीच है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जहाँ एक तरफ फिजिक्स का मजाक उड़ाने वाले स्टंट्स और शोर-शराबे वाला बैकग्राउंड म्यूजिक है जो दर्शकों को जबरन तालियां बजाने पर मजबूर करता है, वहीं ‘धुरंधर’ में एक्शन इतना वास्तविक है कि दर्शक हर पंच महसूस कर सकते हैं।
वर्मा ने निशाना साधा कि 700 करोड़ खर्च करके एक हीरो को ‘अजेय भगवान’ दिखाने वाली फिल्मों के मुकाबले, मात्र 130 करोड़ में बनी ‘धुरंधर’ के हर किरदार में इंसानियत झलकती है। उनके अनुसार, यह लड़ाई ‘हवा में उड़ने वाले हीरोज’ बनाम ‘मिट्टी से जुड़े किरदारों’ की है।
दिमाग ‘बंद’ रखने वाली फिल्में बनाम सोचने पर मजबूर करने वाला सिनेमा
RGV ने यश की फिल्म और बड़े बजट की मसाला फिल्मों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हम दर्शकों को ‘नासमझ’ समझना बंद करें। उनके अनुसार, एक तरफ ऐसी फिल्में हैं जो दर्शकों को बच्चों की तरह हर बात ‘स्पून-फीड’ (Spoon-feed) करती हैं और शम्पू के विज्ञापन जैसे स्लो-मोशन हीरो एंट्री शॉट्स पर निर्भर हैं।
दूसरी तरफ #Dhurandhar जैसी फिल्में हैं, जो दर्शकों की बुद्धि को चुनौती देती हैं और उन्हें जटिल कहानियों को समझने वाला वयस्क मानती हैं। वर्मा ने कहा कि करोड़ों रुपये सिर्फ दिखावे और महंगे VFX पर बर्बाद करना ‘क्रिएटिव खालीपन’ को छिपाने जैसा है, जबकि असली सिनेमा वह है जहाँ पैसा भावनाओं और कहानी को प्रभावशाली बनाने के लिए सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
RGV ने 19 मार्च को बताया भारतीय सिनेमा का भविष्य
राम गोपाल वर्मा ने अपनी बात खत्म करते हुए एक स्पष्टीकरण (Disclaimer) भी दिया। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने आदित्य धर के प्रति अपने किसी निजी लगाव के कारण नहीं लिखा है, बल्कि यह उनकी भारतीय सिनेमा के भविष्य के प्रति उम्मीद है।
RGV ने कहा कि वह 19 मार्च का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, क्योंकि उस दिन यह तय हो जाएगा कि भारतीय दर्शक किस तरह के सिनेमा को चुनते हैं। उनके अनुसार, उस दिन का बॉक्स ऑफिस नतीजा यह साबित कर देगा कि भारतीय सिनेमा की असली पहचान क्या है—बुद्धिमानी से भरी ‘धुरंधर’ या फिर पुराने ढर्रे वाली ‘Toxic’।
‘धुरंधर 2’ और ‘Toxic’ की पूरी डिटेल्स
19 मार्च 2026 को भारतीय सिनेमा के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स के बीच कांटे की टक्कर होने जा रही है। एक तरफ आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ है, जो 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म का सीक्वल है। इसमें रणवीर सिंह ‘हमज़ा’ नाम के एक जासूस के रोल में दिखेंगे, जो पाकिस्तान के क्रिमिनल सिंडिकेट को खत्म करने के मिशन पर हैं। फिल्म में उनके साथ संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज कलाकार हैं।
दूसरी ओर, कन्नड़ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Toxic: A Fairytale for Grown-Ups’ है। ‘KGF’ के बाद यह यश की पहली फिल्म है, जिसे गीतू मोहनदास ने निर्देशित किया है। यह एक गैंगस्टर ड्रामा है जिसमें यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा और हुमा कुरैशी जैसी बड़ी अभिनेत्रियाँ नज़र आएंगी। दोनों ही फिल्में भारी हिंसा, एक्शन और सस्पेंस से भरपूर होने का वादा करती हैं।









