
T20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से ही हर तरफ भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप की ही चर्चा हो रही है। ब्रॉडकास्टर से लेकर क्रिकेट प्रेमी तक, सभी की नजरें टीम इंडिया के 300 रनों के आंकड़े को छूने पर टिकी हैं। ग्रुप स्टेज के चार मैच बीत जाने के बाद भी पूरी बहस अभिषेक शर्मा के जीरो पर आउट होने, ईशान किशन की तूफानी पारियों और सूर्यकुमार यादव व तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी जैसे विषयों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। क्रिकेट के इस छोटे और तेज फॉर्मेट में हमेशा की तरह ‘बल्लेबाजी’ ही केंद्र बनी हुई है, जिसके कारण खेल के अन्य पहलुओं पर बात ही नहीं हो रही है।
बल्लेबाजी के शोर में छिपे भारत के ‘असली मैच विनर’
क्रिकेट में अक्सर गेंदबाजों के योगदान को आंकड़ों के पीछे नजरअंदाज कर दिया जाता है। एक अर्धशतक की चमक के सामने अक्सर एक किफायती स्पेल (जैसे 4 ओवर में 30 रन) फीका पड़ जाता है, जबकि हकीकत में वह स्पेल ही जीत की बुनियाद रखता है। टी20 वर्ल्ड कप में जहां सारा ध्यान बल्लेबाजों पर है, वहीं भारत का खतरनाक बॉलिंग अटैक ‘गुमनाम नायक’ बना हुआ है।
दुनिया के नंबर 1 टी20 गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की तिकड़ी कमाल कर रही है। साथ ही अक्षर पटेल की समझदारी और हार्दिक पांड्या व शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर्स ने गेंदबाजी को और मजबूत बनाया है। कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर जैसे विकल्पों के साथ, भारत की असली ताकत उसकी गेंदबाजी ही नजर आ रही है।
टीम इंडिया की गेंदबाजी फिर रचेगी इतिहास?
भारतीय टीम ने जब से टी20 में आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाज अपनाया है, तब से गेंदबाजों ने ही टीम को असली भरोसा दिया है। जब भी बल्लेबाजों का दांव उल्टा पड़ा, गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल था, जहाँ बुमराह, हार्दिक और अर्शदीप ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका के जबड़े से जीत छीन ली थी। अब खिताब बचाने और लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने की चुनौती भारत के सामने है। “बल्लेबाज मैच जिताते हैं, लेकिन गेंदबाज टूर्नामेंट जिताते हैं”—यह कहावत भारत के मौजूदा खतरनाक बॉलिंग अटैक पर बिल्कुल सटीक बैठती है। टीम इंडिया के पास इस समय टूर्नामेंट की सबसे संतुलित और मारक गेंदबाजी यूनिट है, जो खिताब की असली चाबी साबित होगी।
कप्तान सूर्या का भरोसा
जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी और मिडिल ओवर्स की धीमी गति पर सवाल उठाए गए, तो कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बड़े गर्व के साथ अपनी गेंदबाजी यूनिट का बचाव किया। सूर्या ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने गेंदबाजों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि “मुझे अपनी बॉलिंग यूनिट पर बहुत गर्व है। हमारी ‘हाई रिस्क, हाई रिवॉर्ड’ वाली बल्लेबाजी शैली में अगर हम कभी 170 या 180 रन पर भी सिमट जाते हैं, तो मुझे पता है कि हमारे पास ऐसी घातक गेंदबाजी है जो उस स्कोर को डिफेंड कर सकती है और हमें मैच जिता सकती है।” कप्तान का यह बयान साफ करता है कि टीम की असली मजबूती उसका आक्रमण नहीं, बल्कि बचाव है।
ओस (Dew) की चुनौती के लिए तैयार टीम इंडिया
नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने रणनीति के तहत पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि इसका मुख्य उद्देश्य गेंदबाजों को ‘ओस’ (Dew) में गेंदबाजी करने का अनुभव दिलाना था।
सूर्या ने बताया, “प्रैक्टिस के दौरान हमने भारी ओस देखी थी, इसलिए हमने सोचा कि क्यों न पहले बैटिंग करके खुद को दबाव में डालें और फिर गेंदबाजों को गीली गेंद से बॉलिंग करने की चुनौती दें। चूंकि दिल्ली और वानखेड़े के मैचों में हमें ओस का सामना नहीं करना पड़ा था, इसलिए यह गेंदबाजों को भविष्य की बड़ी चुनौतियों और नॉकआउट मुकाबलों के लिए तैयार करने का एक शानदार मौका था।”
बुमराह और वरुण की जोड़ी बनी विरोधियों का ‘नाइटमेयर’
वर्ल्ड कप में विपक्षी टीमें सिर्फ टीम इंडिया के बल्लेबाजों (अभिषेक, ईशान और सूर्या) के लिए ही योजनाएं नहीं बना रही हैं, बल्कि उनका असली सिरदर्द बुमराह और उनकी बॉलिंग यूनिट है। भारतीय गेंदबाजों की विविधता किसी भी बल्लेबाजी क्रम के लिए एक डरावने सपने (Nightmare) जैसी है।
दक्षिण अफ्रीका की टीम भी इससे अछूती नहीं है। हाल ही में हुई द्विपक्षीय सीरीज के अनुभव को याद करते हुए अफ्रीकी दिग्गज क्विंटन डिकॉक ने अपनी टीम को सतर्क किया है। डिकॉक को उम्मीद है कि उनके बल्लेबाज पुरानी गलतियों से सीखेंगे और भारत के ‘एक्स-फैक्टर’ वरुण चक्रवर्ती की जादुई स्पिन का सामना करने के लिए सही रणनीति अपनाएंगे।
डिकॉक ने की वरुण चक्रवर्ती की तारीफ
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने अपने पूर्व केकेआर (KKR) टीम साथी वरुण चक्रवर्ती की जमकर सराहना की है। डिकॉक ने स्वीकार किया कि वरुण फिलहाल दुनिया के सबसे बेहतरीन टी20 स्पिनर हैं और उन्होंने हालिया सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी।
डिकॉक ने कहा, “वह एक बेहतरीन गेंदबाज हैं। दो महीने पहले उन्होंने हमारे खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। मुझे उम्मीद है कि हमारे बल्लेबाजों ने उस सीरीज के बाद वरुण की गेंदबाजी को समझने के लिए समय निकाला होगा और उनके खिलाफ बेहतर योजना बनाई होगी। अगर हमारी योजनाएं काम नहीं करती हैं, तो इसके पीछे एक वाजिब वजह होगी कि वह क्यों दुनिया के नंबर 1 टी20 स्पिनर हैं।”
कंजूस गेंदबाजी बनी भारत का हथियार
भारतीय गेंदबाजी यूनिट इस समय अविश्वसनीय फॉर्म में है और आंकड़ों में उनकी ‘कंजूसी’ साफ झलक रही है। वरुण चक्रवर्ती मात्र 5.16 की इकोनॉमी से रन दे रहे हैं, जबकि बुमराह (6.00) और कुलदीप यादव (4.66) ने बल्लेबाजों को बांध कर रखा है।
अर्शदीप और अक्षर पटेल भी बेहद किफायती रहे हैं। यहाँ तक कि हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर्स ने भी रनों पर लगाम लगाई हुई है। विरोधियों को कोई ‘फ्रीबी’ (आसान रन) नहीं मिल रहे हैं और इस मारक हमले को ध्वस्त करना किसी भी टीम के लिए नामुमकिन सा लग रहा है। अब जब सुपर-8 का असली मुकाबला शुरू होने वाला है, ये ‘गुमनाम नायक’ ही सुर्खियों में रहेंगे क्योंकि वे भारत की वर्ल्ड कप जीत की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।









