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दो वोटर ID कार्ड रखना पड़ेगा भारी, हो सकती है इतने साल की जेल; Aadhaar, PAN के क्या हैं नियम, जानें किस धारा के तहत दर्ज होगा मुकदमा

क्या आपके पास भी एक से अधिक वोटर ID, पैन या आधार कार्ड है? अनजाने में की गई यह गलती आपको भारी जुर्माने के साथ जेल की हवा भी खिला सकती है। जानिए चुनाव आयोग और इनकम टैक्स के वे कड़े नियम और धाराएं, जो आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकते हैं। पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़ें!

By Pinki Negi

दो वोटर ID कार्ड रखना पड़ेगा भारी, हो सकती है इतने साल की जेल; Aadhaar, PAN के क्या हैं नियम, जानें किस धारा के तहत दर्ज होगा मुकदमा
वोटर ID कार्ड

साल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) अभियान चला रहा है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी, डुप्लीकेट और एक से अधिक जगह दर्ज नामों को हटाना है। आपको बता दें कि जनप्रतिनिधि अधिनियम (1950) के नियमों के अनुसार, एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड रखना कानूनी रूप से गलत है। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर ऐसा करता है, तो अधिनियम की धारा 31 के तहत उसे जुर्माने के साथ एक साल तक की जेल भी हो सकती है।

दो वोटर आईडी रखना है कानूनी अपराध

भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में हर नागरिक को मतदान का अधिकार है, लेकिन नियम यह है कि एक व्यक्ति केवल एक ही वोट डाल सकता है। अक्सर जानकारी न होने के कारण या जानबूझकर कुछ लोग दो अलग-अलग जगहों की वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा लेते हैं। अगर आपके पास भी दो वोटर आईडी कार्ड हैं, तो यह एक गंभीर कानूनी अपराध है। चुनाव आयोग ऐसे मामलों पर कड़ी नज़र रखता है, इसलिए सावधानी जरूरी है ताकि आप किसी कानूनी मुसीबत में न फंसें।

वोटर रजिस्ट्रेशन के कड़े नियम

भारतीय कानून के अनुसार, कोई भी नागरिक केवल एक ही चुनाव क्षेत्र में अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करा सकता है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 और 18 में यह साफ तौर पर लिखा है कि एक व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में या एक ही क्षेत्र में दो बार मतदाता नहीं बन सकता। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि एक ही पहचान पर दो जगह पंजीकरण कराना पूरी तरह अवैध है।

गलत जानकारी देकर दो वोटर ID बनवाने पर जेल और जुर्माना

यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है और दो वोटर ID कार्ड बनवाता है, तो यह एक दंडनीय अपराध है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 31 के तहत ऐसे व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जा सकता है। दोष सिद्ध होने पर दोषी को एक साल तक की जेल या भारी जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं। चुनाव आयोग पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे फर्जीवाड़े पर बेहद सख्त रुख अपनाता है, इसलिए मतदाता सूची में केवल एक ही जगह नाम दर्ज रखना कानूनी रूप से सुरक्षित है।

दो पैन (PAN) कार्ड रखने पर ₹10,000 का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

पैन कार्ड को लेकर आयकर विभाग के नियम बेहद कड़े हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 272B के मुताबिक, एक व्यक्ति के पास केवल एक ही पैन नंबर होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के पास दो पैन कार्ड पाए जाते हैं, तो उस पर ₹10,000 का सीधा जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल टैक्स चोरी या किसी वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया गया है, तो सजा और भी गंभीर हो सकती है। इसलिए, यदि आपके पास गलती से दो पैन कार्ड हैं, तो उन्हें तुरंत सरेंडर करना ही समझदारी है।

गलत जानकारी देने पर 3 साल की जेल

चूंकि आधार कार्ड एक बायोमेट्रिक पहचान (उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली) पर आधारित है, इसलिए तकनीकी रूप से एक व्यक्ति के दो असली आधार कार्ड नहीं बन सकते। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर ‘डुप्लीकेट’ पहचान बनाने या गलत जानकारी देने की कोशिश करता है, तो यह एक गंभीर अपराध है। आधार अधिनियम, 2016 के तहत ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

पुराना वोटर ID कार्ड कैसे रद्द करें

अक्सर लोग शहर बदलने पर पुराने वोटर ID को बिना कैंसिल करवाए नया कार्ड बनवा लेते हैं, जो कि गैर-कानूनी है। यदि आपके पास भी अनजाने में दो वोटर ID कार्ड हो गए हैं, तो घबराने के बजाय फौरन चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Form-7 भरकर अपने पुराने कार्ड को रद्द (Delete) करने की रिक्वेस्ट डालें। यदि आप खुद आगे बढ़कर यह जानकारी देते हैं और सुधार करते हैं, तो आप भारी जुर्माने और जेल जैसी कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित बच सकते हैं।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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