अचानक जरूरत पड़ने पर बैंक खाते में पैसे न होने की चिंता अब इतिहास बन चुकी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जीरो बैलेंस वाले खाते से भी ₹10,000 तक निकाल सकते हैं। यह सुविधा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को इमरजेंसी में मजबूत सहारा दे रही है।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य
2014 में शुरू हुई यह योजना वित्तीय समावेशन का बड़ा कदम है। इसका लक्ष्य हर परिवार को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना था। अब तक करोड़ों खाते खुल चुके हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों और महिलाओं के नाम पर। जीरो बैलेंस की खासियत से कोई न्यूनतम राशि रखने का झंझट नहीं। ओवरड्राफ्ट सुविधा इसे और खास बनाती है, जो बिना गारंटी या लंबी प्रक्रिया के तुरंत ऋण देती है। छोटे किसान, मजदूर और गृहिणियां इसका सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।
ओवरड्राफ्ट सुविधा कैसे काम करती है?
यह एक चलता हुआ ऋण है जो बचत खाते से जुड़ा रहता है। खाते में शून्य बैलेंस होने पर भी एटीएम या चेक से ₹10,000 तक निकासी हो सकती है। ब्याज दरें किफायती हैं और समय पर चुकाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं। अधिकतम सीमा औसत मासिक बैलेंस या पिछले छह महीनों की जमा राशि के आधार पर तय होती है। न्यूनतम ₹2,000 से शुरू होकर ₹10,000 तक की रेंज है। यह सुविधा 36 महीनों के लिए वैलिड रहती है, उसके बाद समीक्षा होती है। इमरजेंसी में चेक बाउंस होने से बचाव भी करता है।
पात्रता के मुख्य नियम
हर कोई योग्य नहीं। खाता कम से कम छह महीने पुराना होना चाहिए। नियमित जमा-निकासी जरूरी है ताकि सक्रियता साबित हो। क्रेडिट हिस्ट्री साफ होनी चाहिए। प्राथमिकता गरीब परिवारों, ग्रामीण निवासियों और महिलाओं को मिलती है। बैंक अधिकारी व्यक्तिगत जांच करते हैं। यदि पुराना डिफॉल्ट है तो आवेदन रद्द हो सकता है। पंजाब जैसे राज्यों में हजारों ने इसका लाभ लिया है।
सुविधा कैसे सक्रिय करें
प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले नजदीकी बैंक शाखा जाएं। आधार कार्ड और पासबुक साथ ले जाएं। एक आसान फॉर्म भरें। बैंक 7 से 15 दिनों में योग्यता जांचकर लिमिट सेट कर देगा। यदि रुपे डेबिट कार्ड पहले से है तो काम और तेज। डिजिटल तरीके से भी pmjdy.gov.in पर स्टेटस चेक करें। एक बार सक्रिय होने पर UPI या एटीएम से इस्तेमाल शुरू। जागरूकता अभियान चलाकर सरकार इसे और लोकप्रिय बना रही है।
अन्य बड़े फायदे
ओवरड्राफ्ट के अलावा रुपे कार्ड पर ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा मिलता है। महीने में चार मुफ्त एटीएम निकासी संभव। यह खाता सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ता है। किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला गैस या पेंशन का लाभ इसी में आता। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से भुगतान पारदर्शी होता है। 2026 में योजना को मजबूत करने के नए कदम उठाए जा रहे हैं।
लाभार्थियों की कहानी
जालंधर के एक किसान ने बताया कि ट्रैक्टर ठीक कराने ₹8,000 तुरंत निकाल लिए। समय पर चुका दिया, बिना किसी परेशानी के। इसी तरह कई गृहिणियों ने घरेलू जरूरतों के लिए इसका सहारा लिया। हालांकि जागरूकता की कमी से कुछ लोग वंचित रह जाते हैं। बैंकिंग स्टाफ को प्रशिक्षित कर इस कमी को दूर किया जा रहा है।
यह योजना आत्मनिर्भर भारत का आधार बनेगी। यदि आपका जन धन खाता है तो ओवरड्राफ्ट चेक करें। बैंक जाकर या ऑनलाइन पोर्टल से शुरू करें। वित्तीय स्वतंत्रता अब हर हाथ में है।









