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न एयरपोर्ट, न अपनी करेंसी; फिर भी दुनिया का सबसे अमीर देश! जानिए इस खूबसूरत जन्नत के बारे में सब कुछ, जहाँ अपराध है जीरो

मोनाको की यह अनसुनी कहानी आपको हैरान कर देगी हर तीसरा करोड़पति, टैक्स फ्री जन्नत, फॉर्मूला-1 की चमक! छोटे से टुकड़े में छिपी अपार दौलत का राज जानें, जहां अमीरों का स्वर्ग बसता है।

By Manju Negi

फ्रांस के किनारे पर बसा एक छोटा सा टुकड़ा, जो आकार में दिल्ली के एक मोहल्ले जितना है, लेकिन धन-दौलत में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ देता है। मोनाको को जानें, जहां हर तीसरा व्यक्ति करोड़पति है और अपराध का नामोनिशान नहीं। यह जगह नक्शे पर एक बिंदु मात्र, लेकिन जीवनशैली इतनी शानदार कि अमीरों का स्वर्ग कहलाती है। आइए, इस अनोखे देश की गहराई में उतरें।

न एयरपोर्ट, न अपनी करेंसी; फिर भी दुनिया का सबसे अमीर देश! जानिए इस खूबसूरत जन्नत के बारे में सब कुछ, जहाँ अपराध है जीरो

भौगोलिक चमत्कार

भूमध्य सागर की गोद में फंसा मोनाको मात्र दो वर्ग किलोमीटर में सिमटा है। चारों तरफ फ्रांस ही घेरा हुआ है, इसलिए इसे देश कम, शहर ज्यादा लगता है। आप पैदल घूमकर इसे एक घंटे में नाप लें। यहां ऊंची इमारतें, हरे उद्यान और चमचमाती लग्जरी कारें सड़कों पर आम हैं। समुद्र की लहरें और पहाड़ी ढलान इसे जन्नत जैसा बना देते हैं। आबादी तैंतीस हजार के आसपास, लेकिन घनत्व इतना कि दुनिया में सबसे ऊपर।

अमीरों की नई दुनिया

प्रति व्यक्ति कमाई दो लाख डॉलर से ज्यादा, यानी हर नागरिक सालाना दो करोड़ रुपये कमा लेता है। टूरिजम इसका मुख्य आधार है। मशहूर मोंटे कार्लो कैसिनो पर्यटकों को लुभाता है, जहां जुआ कानूनी और कमाई का बड़ा स्रोत। बैंकिंग, बीमा कंपनियां और रियल एस्टेट भी चांदी काटते हैं। यहां घरों की औसत कीमत पचास लाख यूरो से ऊपर। कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं, सिर्फ कंपनियों पर हल्का टैक्स। यही वजह है कि दुनिया भर के धनाढ्य फ्रांस, इटली और ब्रिटेन से आकर बसते हैं। मूल निवासी मुश्किल से दस हजार, बाकी अमीर प्रवासी। फॉर्मूला वन रेस और लग्जरी यॉट शो यहां की शान बढ़ाते हैं।

शून्य अपराध का राज

सुरक्षा यहां सबसे बड़ा हथियार है। अपराध दर लगभग शून्य, चोरी या हिंसा की खबरें दुर्लभ। सात सौ पुलिस वाले हर कोने पर नजर रखते हैं। सीसीटीवी कैमरे हर जगह, सीमाओं पर सख्त चेकिंग। छोटा आकार होने से निगरानी आसान। ग्रिमाल्डी राजवंश सात सौ साल से शासन चला रहा, राजकुमार अल्बर्ट द्वितीय इसका चेहरा। कोई सेना नहीं, फ्रांस सुरक्षा का जिम्मा लेता। यही स्थिरता निवेशकों को भाती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की खासियत

अपना हवाई अड्डा नहीं, पास का नीस एयरपोर्ट इस्तेमाल होता है। हेलिकॉप्टर सेवा से अमीर सीधे पहुंचते हैं। करेंसी यूरो ही चलती, फ्रांस की तरह। भाषा फ्रेंच प्रमुख, अंग्रेजी और इतालवी भी बोली जाती। ट्रेनें और सड़कें शानदार। अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट का सात प्रतिशत, निर्माण का नौ और व्यापार का दस योगदान। पर्यटन साल भर भीड़ लाता।

जीवनशैली और चुनौतियां

लार्वोट्टो बीच फ्री एंट्री वाला, ओशनोग्राफिक म्यूजियम समुद्री दुनिया दिखाता। बारबाजुआन जैसे व्यंजन चखें। लेकिन आम आदमी के लिए बसना मुश्किल। ऊंची संपत्ति जरूरी, किराया लाखों में। केवल अमीर ही रह पाते। फिर भी, मोनाको साबित करता है कि छोटे आकार से बड़ी सफलता संभव। क्या भारत छोटे शहरों को ऐसे ही चमका सकता?

Author
Manju Negi
अमर उजाला में इंटर्नशिप करने के बाद मंजु GyanOk में न्यूज टीम को लीड कर रही है. मूल रूप से उत्तराखंड से हैं और GyanOk नेशनल और राज्यों से संबंधित न्यूज को बारीकी से पाठकों तक अपनी टीम के माध्यम से पहुंचा रही हैं.

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