आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खुशखबरी है। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस साल 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे ट्यूशन फीस और हॉस्टल का खर्च आसानी से उठाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश और राजस्थान दोनों राज्यों में यह योजना जोर-शोर से चल रही है। छात्रों को अब फीस की चिंता छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।

योजना का उद्देश्य और लाभ
यह योजना खासतौर पर उन छात्रों के लिए है जो 10वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। सरकारी और निजी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्र इसका फायदा उठा सकते हैं। योजना में ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ करने का प्रावधान है। साथ ही किताबें, हॉस्टल और रखरखाव भत्ता भी दिया जाता है।
पहले साल के छात्रों को औसतन 5 हजार से 27 हजार रुपये तक की कुल सहायता मिल सकती है। परिवार की सालाना आय सीमा तय है, जैसे एससी के लिए ढाई लाख और ओबीसी के लिए एक लाख रुपये। इसका मकसद है कि कोई मेधावी छात्र पैसे की तंगी से न रुके।
पात्रता के मानदंड
इसके लिए राज्य का मूल निवासी होना जरूरी है। छात्र नियमित कोर्स में नामांकित होना चाहिए। पिछली कक्षा में अच्छे अंक लाने वाले ही योग्य माने जाते हैं। परिवार का आय प्रमाण-पत्र समय पर जमा करना पड़ता है। विशेष वर्ग के छात्रों को प्राथमिकता मिलती है। अगर छात्र ने पहले इस योजना का लाभ लिया हो, तो दोबारा आवेदन की अनुमति नहीं होती। सरकार ने साफ किया है कि फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई होगी।
आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होता है। राजस्थान के छात्र एसएसओ आईडी बनाकर समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर फॉर्म भरें। उत्तर प्रदेश वाले छात्रवृत्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें। पहले व्यक्तिगत जानकारी भरें, फिर दस्तावेज अपलोड करें। बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए कॉलेज जाना पड़ सकता है। आवेदन जमा करने के बाद प्रिंटआउट लेकर संस्थान में जमा करें। सुधार का मौका भी मिलता है। इस बार राजस्थान में अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। यूपी में दिसंबर तक आवेदन चले थे। देर न करें, क्योंकि चूकने पर अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा।
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जरूरी दस्तावेज क्या है?
आधार कार्ड अनिवार्य है। आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, मार्कशीट और बैंक पासबुक की कॉपी लगती है। फीस की रसीद भी जोड़नी पड़ती है। सब कुछ स्कैन करके अपलोड करें। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए, ताकि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर आसान हो।
भुगतान और अपडेट
राशि सीधे खाते में आती है। फरवरी-मार्च तक भुगतान शुरू होने की उम्मीद है। स्टेटस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर देखें। देरी होने पर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। एसएमएस अलर्ट भी सुविधा है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर ही पैसा रिलीज होता है।
सरकार की अपील
शिक्षा मंत्री ने छात्रों से अपील की है कि योजना का पूरा लाभ लें। यह शिक्षा क्रांति का हिस्सा है। लाखों परिवारों को मजबूती मिलेगी। अगर कोई समस्या हो, तो नजदीकी ई-मित्र या कॉलेज से मदद लें। समय रहते आवेदन करें। पढ़ाई में मन लगाएं, भविष्य उज्ज्वल बनेगा।









