उत्तर प्रदेश के लाखों छात्र इन दिनों एक खास खबर को लेकर उत्साहित हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही यह बात है कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों को सीधे 30 हजार रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी। कई पोस्ट्स में लिखा है कि नाम लिस्ट में आ गया तो बैंक खाते में पैसे आ जाएंगे, बस ऑनलाइन आवेदन भरना है।
लेकिन क्या यह पूरी तरह सच है। गहराई से देखने पर पता चलता है कि यह दावा थोड़ा भ्रमित करने वाला है। राज्य सरकार की असली स्कॉलरशिप योजनाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन वे हर छात्र के लिए फिक्स्ड 30 हजार रुपये नहीं देतीं। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

वायरल खबर का राज
सोशल मीडिया पर कई वेबसाइट्स और वीडियो ऐसे लिंक शेयर कर रहे हैं, जहां क्लिक करने पर आवेदन का फॉर्म दिखता है। दावा किया जाता है कि यूपी बोर्ड के हर पास छात्र को यह राशि शिक्षा जारी रखने के लिए दी जा रही है। हकीकत यह है कि कोई ऐसी सीधी योजना नहीं है, जो बोर्ड रिजल्ट के आधार पर सभी को बिना शर्त 30 हजार रुपये दे दे। इसके बजाय प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाएं हैं, जो खास श्रेणियों के छात्रों को आर्थिक मदद देती हैं। कभी-कभी पोस्ट-मैट्रिक में सालाना 30 हजार तक की सहायता हो सकती है, लेकिन वह परिवार की कम आय, जाति और मेरिट पर टिकी होती है। सामान्य वर्ग के ग्रामीण छात्रों के लिए आय सीमा करीब 25 हजार सालाना तक है।
पात्र छात्र कौन?
इस योजना का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। 10वीं पास छात्र प्री-मैट्रिक कैटेगरी में आ सकते हैं, जबकि 12वीं पास पोस्ट-मैट्रिक में। एससी, एसटी, ओबीसी, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र आवेदन कर सकते हैं। न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। परिवार की सालाना आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लड़कियां और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्राथमिकता मिलती है। दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक तैयार रखें।
आवेदन कैसे करें?
सबसे सुरक्षित तरीका आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन है। पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करें, आधार से लिंक करें। फिर फॉर्म भरें, संस्थान से सत्यापन करवाएं। प्रक्रिया में कई स्टेप हैं जैसे स्क्रूटनी और जिला समिति की मंजूरी। पैसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से खाते में आते हैं। आवेदन की तारीखें साल के हिसाब से बदलती रहती हैं, जुलाई से शुरू होकर दिसंबर तक चलती हैं। देरी न करें, क्योंकि वेरिफिकेशन में समय लगता है। फर्जी ऐप्स या लिंक्स से दूर रहें, वरना निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
अन्य मददगार विकल्प
अगर यह योजना न सूट करे तो निजी फाउंडेशन की स्कॉलरशिप देखें, जहां लड़कियों को सालाना 30 हजार तक मिल सकते हैं। राज्य में मेरिट छात्रों को टैबलेट या स्कूटी जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके स्टेटस पता करें। सरकार आगे स्कॉलरशिप को और विस्तार दे रही है।
सावधानी बरतें
फिशिंग साइट्स से बचें। हमेशा सरकारी पोर्टल यूज करें। सही जानकारी से छात्र अपना भविष्य सुधार सकते हैं। यह मौका हाथ से न जाने दें, लेकिन अफवाहों पर भरोसा न करें। सही कदम उठाएं, सफलता मिलेगी।









