देश के किसान भाइयों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए दो लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड कर्ज को माफ करने का बड़ा एलान किया है। यह कदम खेती की लागत बढ़ने और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे लाखों परिवारों को नई जिंदगी देगा। खास बात यह है कि मृतक किसानों के परिजनों को भी इस राहत का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक मुश्किलें कम होंगी।

योजना की मुख्य विशेषताएं
यह योजना तीन चरणों में चलाई जा रही है। पहले चरण में पचास हजार से एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ होगा। दूसरे चरण में डेढ़ लाख और तीसरे में पूर्ण दो लाख तक की छूट दी जाएगी। मुख्य फोकस उन किसानों पर है जो फसल नुकसान या सूखे जैसी विपत्तियों से कर्ज चुका नहीं पाए। मृतक किसान के मामले में उनका परिवार उत्तराधिकारी बनकर लाभ ले सकेगा। इसके लिए लोन उनके नाम पर होना जरूरी है और उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जमा करना पड़ेगा। योजना केवल केसीसी लोन पर लागू है, बाकी कर्ज बाहर हैं।
कौन बन सकता है लाभार्थी?
पात्रता साफ शब्दों में तय की गई है। राज्य के मूल निवासी छोटे किसान, जिनके पास दस एकड़ से कम जमीन हो, वे प्राथमिकक हैं। परिवार में कोई सरकारी नौकरी न हो और सालाना आय डेढ़ लाख से कम हो, ऐसी शर्तें हैं। दो हेक्टेयर तक जमीन वाले सीमांत किसानों को सबसे पहले फायदा होगा। फसल बीमा या अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े किसान आसानी से शामिल हो सकेंगे। डिफॉल्टर अकाउंट वाले ही योग्य माने जाएंगे, जो बैंक को समय पर भुगतान नहीं कर पाए।
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राज्य स्तर पर प्रगति
कई राज्यों में यह योजना जोर पकड़ चुकी है। महाराष्ट्र में जून तक पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जहां बाढ़ प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता मिली है। उत्तर प्रदेश की सूची जारी हो चुकी है और राजस्थान में ब्याज माफी पर काम तेज है। पंजाब जैसे क्षेत्रों में भी जल्द स्थानीय अपडेट आने की संभावना है। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि पारदर्शिता बनाए रखें। इससे ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होगी और नए ऋण आसानी से मिलेंगे।
लाभ कैसे प्राप्त करें?
सूची जांचना सरल है। सरकारी पोर्टल पर आधार नंबर, बैंक खाता और मोबाइल से लॉगिन करें। राज्य कृषि विभाग की साइट्स या डीबीटी प्लेटफॉर्म उपयोगी साबित होंगे। नजदीकी बैंक शाखा या तहसील कार्यालय से भी मदद लें। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से संभव है। जल्दी जांचें, क्योंकि चरणबद्ध तरीके से लाभ वितरित हो रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
यह योजना किसान आत्महत्या रोकने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरेगी। हालांकि किसान संगठन माफी सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य पांच करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचना है। कुल मिलाकर राहत की यह किरण किसानों के उज्ज्वल कल की ओर इशारा करती है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों पर नजर रखें।









