
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट 2026 के दौरान युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। ‘इंडिया अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ के तहत अब गूगल एक नया एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है।
इस खास प्रोग्राम का मकसद भारत और अमेरिका के बीच तकनीक के तालमेल को बढ़ाना और कौशल विकास (Skill Development) के जरिए युवाओं को भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में एक्सपर्ट बनाना है। इस पहल से भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी और एआई के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
समुद्र के नीचे बिछेगा नया केबल नेटवर्क, भारत-अमेरिका होंगे और करीब
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने स्पष्ट किया कि एआई प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ का एक बड़ा हिस्सा तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी है। इसके तहत भारत और अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे (Sub-sea) नए केबल रूट तैयार किए जाएंगे। यह नया नेटवर्क न केवल दोनों देशों के बीच इंटरनेट और डेटा की रफ्तार बढ़ाएगा, बल्कि एआई कनेक्टिविटी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस पहल का सीधा लाभ करोड़ों लोगों को मिलेगा, जिससे एआई तकनीक की पहुंच और अधिक सुगम व तेज हो जाएगी।
गूगल के इन कोर्सेज में सीखेंगे प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और ब्रेनस्टॉर्मिंग
गूगल के नए सर्टिफिकेट प्रोग्राम में ‘एआई फंडामेंटल्स’ कोर्स युवाओं के लिए एआई की बुनियादी समझ बनाने का एक बड़ा जरिया बनेगा। 25 से ज्यादा चैप्टर्स वाले इस कोर्स में एआई की ताकत, उसकी सीमाओं और सबसे महत्वपूर्ण—प्रॉम्प्ट लिखने की सही तकनीक (Prompt Engineering) सिखाई जाएगी। वहीं, जो लोग क्रिएटिविटी में रुचि रखते हैं, उनके लिए ‘ब्रेनस्टॉर्मिंग और प्लानिंग’ कोर्स काफी मददगार होगा। इसमें नए आइडियाज को एक्शन प्लान में बदलने का प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाएगा, जिससे एआई के जरिए विचारों को विकसित करना और उन्हें परखना आसान हो जाएगा।
अब एआई बनेगा आपका रिसर्च और राइटिंग पार्टनर
गूगल के नए प्रोग्राम में ‘AI फॉर रिसर्च एंड इनसाइट्स’ कोर्स छात्रों और प्रोफेशनल्स को एआई को एक शक्तिशाली रिसर्च पार्टनर की तरह उपयोग करना सिखाएगा। इसमें Gemini Deep Research जैसे एडवांस टूल्स के जरिए घंटों का डेटा एनालिसिस और सोर्स वेरिफिकेशन मिनटों में करना सिखाया जाएगा। इसके साथ ही, ‘AI फॉर राइटिंग एंड कम्युनिकेटिंग’ कोर्स आपकी लेखन शैली और संवाद को बेहतर बनाएगा। इसमें विशेष रूप से Google Meet में Gemini का उपयोग करके मीटिंग की बातों को समरी (सारांश) और एक्शन पॉइंट्स में बदलने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि आपका काम और भी आसान और व्यवस्थित हो सके।
क्रिएटिविटी से डेटा तक, हर काम होगा आसान
गूगल के ‘AI फॉर कॉन्टेंट क्रिएशन’ कोर्स में आप सीखेंगे कि कैसे एआई को एक क्रिएटिव पार्टनर बनाकर अपने प्रोजेक्ट्स को निखारा जा सकता है। इसमें विशेष रूप से गूगल स्लाइड्स (Google Slides) में जेमिनी (Gemini) की मदद से आकर्षक प्रेजेंटेशन बनाने और प्रोफेशनल डिजाइन गाइडलाइन्स तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं, ‘AI फॉर डाटा एनालिसिस’ कोर्स उन लोगों के लिए है जो बिखरे हुए (Unstructured) डेटा से काम की जानकारी निकालना चाहते हैं। इस कोर्स में जटिल डेटा को व्यवस्थित टेबल्स में बदलने और उसे सही तरीके से समझने की आधुनिक तकनीकें सिखाई जाएंगी।
गूगल करेगा 15 अरब डॉलर का निवेश
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत के तकनीकी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की है। गूगल भारत में 15 अरब डॉलर के निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक विशाल ‘फुल-स्टैक एआई हब’ स्थापित कर रहा है। यह हब न केवल भारत में एआई कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि इसमें गीगावॉट-स्केल कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर का सब-सी केबल गेटवे भी होगा। इस निवेश के साथ विशाखापत्तनम दुनिया के नक्शे पर एक बड़े एआई केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट और एआई आधारित सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार होगा।









