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UK Board Exam 2026: उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा कल से! सख्त हुए नियम, परीक्षा केंद्रों पर ‘सेक्टर सिस्टम’ लागू; छात्रों के लिए अहम निर्देश

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कल से शुरू हो रही हैं! नकल रोकने के लिए पहली बार लागू 'सेक्टर सिस्टम' और धारा 163 के सख्त पहरे के बीच परीक्षार्थियों के लिए क्या हैं नए नियम? जानें एडमिट कार्ड खोने पर मिलने वाली राहत और सुरक्षा की पूरी जानकारी।

By Pinki Negi

UK Board Exam 2026: उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा कल से! सख्त हुए नियम, परीक्षा केंद्रों पर 'सेक्टर सिस्टम' लागू; छात्रों के लिए अहम निर्देश
UK Board Exam 2026

उत्तराखंड में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं कल, 21 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं, जो 20 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा को पूरी तरह नकल विहीन और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार राज्य भर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 156 केंद्रों को संवेदनशील और 6 को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। परीक्षाओं की निगरानी के लिए राजस्व अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, ताकि कहीं भी कोई गड़बड़ी न हो सके और छात्र शांतिपूर्ण माहौल में अपनी परीक्षा दे सकें।

पेपर लीक और नकल पर होगी सीधी जेल

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बोर्ड परीक्षाओं की पवित्रता और गोपनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता न किया जाए। आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर तैनात अध्यापकों और केंद्र व्यवस्थापकों को पुख्ता सुरक्षा दी जाएगी ताकि वे बिना किसी डर के अपनी ड्यूटी कर सकें।

मुख्य सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने (Paper Leak), नकल कराने या किसी भी तरह की हिंसा में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि हर परीक्षार्थी को एक पारदर्शी और सुरक्षित माहौल मिले।

परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों का कड़ा पहरा

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए एक नया ‘सेक्टर प्लान’ लागू करने का आदेश दिया है। इस योजना के तहत, सभी परीक्षा केंद्रों को छोटे-छोटे सेक्टरों में बाँटा जाएगा, जहाँ हर एक सेक्टर में अधिकतम 10 से 12 केंद्र होंगे। इन सेक्टरों की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में सौंपी गई है। इन अधिकारियों का काम केंद्रों का लगातार प्रभावी निरीक्षण करना होगा ताकि नकल या किसी भी अनुचित साधन के प्रयोग की गुंजाइश न रहे। हर मजिस्ट्रेट अपने आवंटित क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होगा।

आंकड़ों में उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा

कल से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के लिए राज्य भर में 2,16,121 परीक्षार्थी मैदान में उतरेंगे। बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हाईस्कूल (10वीं) में कुल 1,12,679 छात्र शामिल हो रहे हैं, जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) में 1,03,442 छात्र अपनी किस्मत आजमाएंगे। इन परीक्षार्थियों के लिए प्रदेश भर में कुल 1261 केंद्र बनाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश छात्र स्कूलों के माध्यम से (संस्थागत) परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन हज़ारों छात्र ऐसे भी हैं जो व्यक्तिगत (प्राइवेट) तौर पर इस परीक्षा का हिस्सा बन रहे हैं।

परीक्षा के प्रमुख आंकड़े

कक्षाकुल छात्रसंस्थागत (Regular)व्यक्तिगत (Private)
हाईस्कूल (10वीं)1,12,6791,10,5732,106
इंटरमीडिएट (12वीं)1,03,44299,3454,097
कुल योग2,16,1212,09,9186,203

नकल रोकने के लिए सख्त नियम

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने बोर्ड परीक्षाओं में जीरो-टोलरेंस नीति अपनाते हुए सख्त गाइडलाइन्स जारी की हैं। आदेश के अनुसार, यदि किसी भी केंद्र पर सामूहिक नकल की पुष्टि या संदेह होता है, तो तुरंत प्रश्न पत्र बदल दिए जाएंगे या उस शिफ्ट की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में परीक्षा किसी अन्य केंद्र पर आयोजित कराई जाएगी। इसके साथ ही, परीक्षा हॉल में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। छात्र अपने साथ स्मार्ट फोन, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ, ईयरफोन या किसी भी प्रकार का संचार उपकरण नहीं ले जा सकेंगे, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता बनी रहे।

परीक्षा केंद्रों पर धारा 163 लागू, एडमिट कार्ड खोने पर भी मिलेगी एंट्री

बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों के 100 गज के दायरे में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है। इसके तहत केंद्र के पास 5 या उससे अधिक लोगों के जमा होने, हथियार ले जाने और लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। दूसरी ओर, परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है—यदि कोई छात्र अपना प्रवेश पत्र (Admit Card) भूल जाता है या वह खो जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र व्यवस्थापक अनुक्रमांक सूची (Roll Number List) का मिलान कर छात्र को उस दिन की परीक्षा में बैठने की अनुमति देंगे, ताकि किसी का साल खराब न हो।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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