देशभर के करोड़ों किसान परिवारों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बड़ी राहत साबित हुई है। हर साल 6000 रुपये की मदद तीन किस्तों में मिलती है, लेकिन हाल के महीनों में कई किसानों को 2000 रुपये की किस्त नहीं मिली। लाखों नाम लाभार्थी सूची से गायब हो गए। यह सत्यापन प्रक्रिया का नतीजा है, जो पारदर्शिता लाने के लिए चलाई जा रही है। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने के चक्कर में अपात्र लोगों को बाहर किया गया।

सत्यापन अभियान ने मचाई हड़कंप
सरकार ने पूरे देश में विशेष जांच शुरू की। इसके तहत डुप्लिकेट एंट्री, गलत दस्तावेज और पात्रता संबंधी खामियां दूर की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में ही करीब 19 लाख किसानों के नाम हटे। कुल मिलाकर 30 से 35 लाख तक प्रभावित हुए। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई, जिसमें 9 करोड़ किसानों को 18 हजार करोड़ रुपये मिले। लेकिन कई जगहों पर राशि अटक गई। अब 22वीं किस्त फरवरी या मार्च में आने वाली है। नाम न होने पर यह रुक सकती है।
नाम कटने की प्रमुख वजहें
सबसे बड़ी समस्या e-KYC पूरी न होना है। आधार कार्ड से ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया। कई किसानों ने इसे नजरअंदाज किया। दूसरा, बैंक खाते का विवरण गलत होना। खाता नंबर या आईएफएससी कोड में छोटी सी चूक से पैसे वापस लौट आते हैं। तीसरा, परिवार में पति-पत्नी दोनों का नाम होना। योजना के नियम साफ हैं कि एक परिवार से सिर्फ एक ही लाभ ले सकता है। इसके अलावा नाबालिगों के नाम, आयकर भरने वाले किसान, सरकारी नौकरीपेशा या 2019 के बाद जमीन खरीदने वालों को बाहर रखा गया। जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी या फार्मर आईडी न बनने से भी दिक्कत हुई।
अपना स्टेटस कैसे जांचें?
किसान भाइयों को घबराने की जरूरत नहीं। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से पता लगाया जा सकता है। होमपेज पर लाभार्थी स्थिति का विकल्प चुनें। आधार नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल डालें। सूची के लिए राज्य, जिला, तहसील और गांव का चयन करें। अगर नाम नजर न आए तो तुरंत सुधार की कार्रवाई शुरू करें। मोबाइल ऐप या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर भी सहायक साबित होते हैं।
समस्या का आसान हल
e-KYC को प्राथमिकता दें। वेबसाइट पर जाकर ओटीपी या चेहरे की पहचान से दो मिनट में पूरा हो जाता है। बैंक विवरण गलत हो तो सुधार सेक्शन में अपडेट करें। पात्रता की दिक्कत हो तो सरेंडर फॉर्म भरें। शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या ईमेल भेजें। सीएससी केंद्र जाकर लैंड सीडिंग और फार्मर आईडी बनवाएं। ये कदम उठाने से पुरानी किस्तें भी खाते में आ सकती हैं। मार्च 2026 तक जमाबंदी और लगान रसीद अपडेट कराना जरूरी होगा।
किसानों की परेशानी और सरकार का रुख
पंजाब, यूपी और राजस्थान में किसान चिंतित हैं। कईयों ने बताया कि छोटी गलती से सालाना आय प्रभावित हो रही। एक किसान ने कहा कि नाम चेक करने पर e-KYC की कमी निकली, अब सुधार कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि ये कदम जरूरी हैं ताकि सही लाभार्थी तक मदद पहुंचे। योजना आय दोगुनी करने का माध्यम है, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य। जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
किसान साथियों, समय रहते जांच कर लें। देरी से आर्थिक नुकसान हो सकता है। पारदर्शी व्यवस्था से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।









