क्या आप IITian बनने का सपना देखते हैं लेकिन JEE की कठिन परीक्षा आपको डरा रही है। अब चिंता छोड़ दें। IIT मद्रास और IIT दिल्ली जैसे शीर्ष संस्थानों ने 12वीं पास छात्रों के लिए विशेष कोर्स शुरू किए हैं जहां सीधा प्रवेश मिलता है। इन प्रोग्राम्स से न सिर्फ IIT की डिग्री हासिल होगी बल्कि डेटा साइंस, एयरोनॉटिक्स जैसे क्षेत्रों में लाखों रुपये सालाना का पैकेज भी सुनिश्चित है। ये मौके उन छात्रों के लिए वरदान हैं जो परीक्षा के दबाव से बचना चाहते हैं।

IIT मद्रास, डेटा साइंस से एयरोनॉटिक्स तक बिना JEE के डिग्री
देश के नंबर एक IIT मद्रास ने ऑनलाइन BS डिग्री प्रोग्राम्स की शुरुआत की है जो JEE पर निर्भर नहीं। सबसे चर्चित है BS इन डेटा साइंस एंड एप्लीकेशन्स। 12वीं में गणित संग 60 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पहला चरण होता है एक सरल क्वालीफायर टेस्ट जो ऑनलाइन आयोजित होता है। सफल होने पर फाउंडेशन लेवल से डिप्लोमा और फिर पूरी डिग्री तक का सफर तय करें।
इसके अलावा BS इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स और नया BS इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी भी लोकप्रिय हो रहे हैं। एरोनॉटिक्स कोर्स में स्पेस इंडस्ट्री की ट्रेनिंग मिलती है जो ISRO जैसे संगठनों के लिए तैयार करती है। ये सभी प्रोग्राम्स लचीले हैं। कामकाजी लोग भी पार्ट टाइम पढ़ाई कर सकते हैं। ग्रेजुएशन के बाद IIT का सर्टिफिकेट मिलता है जो प्राइवेट सेक्टर में भारी डिमांड रखता है। कई छात्रों ने बताया कि इन्होंने JEE का तनाव बचाया और जल्दी करियर शुरू करने में मदद की।
IIT दिल्ली, ह्यूमैनिटीज और मैनेजमेंट में नया रास्ता
IIT दिल्ली मानविकी और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में कमाल कर रहा है। यहां इंटीग्रेटेड एमए इन डेवलपमेंट स्टडीज या ह्यूमैनिटीज कोर्सेस के लिए HSEE परीक्षा होती है। JEE की बजाय यह टेस्ट पब्लिक पॉलिसी, जर्नलिज्म और रिसर्च पर फोकस करता है। 12वीं में 60 प्रतिशत के साथ लिखित परीक्षा और इंटरव्यू क्लियर करना होता है। ये कोर्सेस उन छात्रों के लिए हैं जो इंजीनियरिंग से हटकर मैनेजमेंट या सोशल वर्क में जाना चाहते हैं। दिल्ली के PG डिप्लोमा प्रोग्राम्स भी GATE या संस्थान स्तर की परीक्षा से खुले हैं।
आसान प्रवेश प्रक्रिया
इन कोर्सेस की खासियत है उनकी सादगी। 12वीं के बाद संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्टर करें। क्वालीफायर टेस्ट की फीस मात्र दो से तीन हजार रुपये। सेमेस्टर फीस 30 से 50 हजार तक होती है। 2026 बैच के लिए फरवरी मार्च में फॉर्म खुलेंगे। ड्रॉपआउट छात्र या आयु सीमा से बंधे नहीं। कोई सीटें सीमित नहीं बल्कि योग्यता पर आधारित एडमिशन मिलता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का योगदान
ये प्रोग्राम्स नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विकसित हुए हैं। सरकार के SWAYAM प्लेटफॉर्म ने ऑनलाइन डिग्री को वैधता दी। लाखों छात्रों ने इनसे लाभ उठाया। अब IIT खड़गपुर जैसे संस्थान ओलंपियाड विजेताओं और खिलाड़ियों को भी सीधा प्रवेश दे रहे हैं। यह बदलाव शिक्षा को समावेशी बना रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
डेटा साइंस पासआउट को टेक जायंट्स 15 से 25 लाख का पैकेज देते हैं। एयरोनॉटिक्स में एविएशन कंपनियां लाइन लगा लेती हैं। प्लेसमेंट दर 90 प्रतिशत से ऊपर। एक छात्र ने साझा किया, JEE की तैयारी छोड़कर मैंने IIT मद्रास चुना और अब स्टार्टअप चला रहा हूं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आधिकारिक साइट्स से जानकारी लें और तैयारी जल्द शुरू करें।









