
कल्पना कीजिए, आप ऑफिस से लौटते हुए अपनी कार स्टार्ट करने वाले हैं और अचानक जेब में हाथ डालते ही पता चलता है कि आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) गायब है। या फिर बारिश में भीगते हुए यह फट-फूट चुका है। सड़क पर ट्रैफिक पुलिस का जरा सा संकेत और आपकी मुसीबत शुरू! लेकिन घबराइए मत।
केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत परिवहन मंत्रालय ने अब डुप्लीकेट DL बनवाने की प्रक्रिया को इतना सरल बना दिया है कि बिना RTO के एक चक्कर लगाए, घर बैठे मोबाइल से ही 5-10 मिनट में आवेदन कर नया स्मार्ट कार्ड पा सकते हैं। यह सुविधा 2025 से कई राज्यों में पूरी तरह लागू हो चुकी है, जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य शामिल हैं।
समस्या की शुरुआत: DL खोया या खराब?
ड्राइविंग लाइसेंस मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के तहत अनिवार्य दस्तावेज है। बिना इसके ड्राइविंग पर 5,000 तक जुर्माना और वाहन जब्ती का खतरा है। पारंपरिक तरीके से RTO दौड़-भाग, लंबी कतारें और दलालों की मार झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब Parivahan Sewa पोर्टल (parivahan.gov.in) ने इसे ‘फेसलेस सर्विस’ में बदल दिया। खास बात, दिल्ली में 2025 से शुरू पोस्ट ऑफिस डिलीवरी सिस्टम ने प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। लाखों ड्राइवरों ने इसकी तारीफ की है, क्योंकि अब FIR से लेकर डिलीवरी तक सब ऑनलाइन।
FIR दर्ज कराएं, शपथ पत्र तैयार रखें
DL खोने पर सबसे जरूरी स्टेप है नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR या लॉस्ट रिपोर्ट दर्ज कराना। यह साबित करता है कि लाइसेंस चोरी या अनजाने में गुम हुआ, न कि गलत इस्तेमाल के लिए छिपाया गया। फटे DL के लिए NCR (नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट) काफी है। इसके बाद नोटरी या राजपत्रित अधिकारी से शपथ पत्र (एफिडेविट) बनवाएं, जिसमें खोने की तारीख, जगह का जिक्र हो। ये दोनों दस्तावेज एप्लीकेशन का ‘एंट्री पास’ हैं।
आधार कार्ड, पता प्रमाण (वोटर आईडी/पासपोर्ट), पासपोर्ट फोटो, स्कैन हस्ताक्षर और पुराना DL नंबर भी तैयार रखें। अगर DL नंबर भूल गए, तो ‘DL स्टेटस चेक’ ऑप्शन से रिकवर कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन
सबसे पहले sarathi.parivahan.gov.in या parivahan.gov.in पर जाएं। ‘ऑनलाइन सर्विसेज’ > ‘ड्राइविंग लाइसेंस रिलेटेड सर्विसेज’ चुनें, राज्य सिलेक्ट करें। ‘अप्लाई फॉर डुप्लीकेट DL’ या ‘रिप्लेसमेंट ऑफ DL’ पर क्लिक। DL नंबर, जन्मतिथि भरें, OTP वेरिफाई करें। फॉर्म LLD ऑटो-फिल हो जाता है। ‘खो गया/डैमेज’ कारण चुनें, FIR, एफिडेविट, फोटो अपलोड करें। फीस (सामान्य DL के लिए ₹200, स्मार्ट कार्ड ₹400) UPI/नेट बैंकिंग से पेमेंट करें। सबमिट पर एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, जिससे स्टेटस ट्रैक करें। कई राज्यों में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन faceless हो गया है, यानी घर बैठे वीडियो कॉल से।
ऑफलाइन विकल्प और डिलीवरी
अगर ऑनलाइन असुविधा हो, तो RTO जाकर फॉर्म LLD भरें, दस्तावेज जमा करें। लेकिन ऑनलाइन ही बेहतर, क्योंकि अप्रूवल के 7-15 दिनों में DL पते पर पोस्ट/कूरियर से पहुंच जाता है। तब तक डिजिटल DL mParivahan ऐप से डाउनलोड करें। वैधता मूल DL जितनी रहती है; अगर एक्सपायरी नजदीक, रिन्यूअल साथ में करें।
चेतावनी और टिप्स
एजेंटों से बचें, केवल ऑफिशियल साइट यूज करें। समस्या पर हेल्पलाइन 1800-120-8040 कॉल करें। 2026 में AI-बेस्ड वेरिफिकेशन से प्रक्रिया और तेज हो रही है। ड्राइवरों का कहना है, “पुराने जमाने की तुलना में 90% आसान!” यह बदलाव डिजिटल इंडिया की सच्ची मिसाल है, जो आम आदमी की जिंदगी आसान बना रहा।









