
उत्तर प्रदेश को ‘एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को अब नई गति मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने युवाओं को शहर छोड़कर पलायन करने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत ‘कौशल कनेक्ट सेल’ का गठन किया है। यह सेल निवेशकों और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित युवाओं को उपलब्ध कराकर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा। इन्वेस्ट यूपी और कौशल विकास मिशन के बीच मजबूत तालमेल स्थापित करते हुए यह पहल युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है।
इन्वेस्ट यूपी और कौशल मिशन का मजबूत तालमेल
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि ‘कौशल कनेक्ट सेल’ बड़े निवेशकों को उनकी दहलीज पर स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराने का काम करेगा। इसके लिए स्पीडअप-पीएमयू को जोड़ा गया है, जो रियल-टाइम समन्वय सुनिश्चित करेगा। इन्वेस्ट यूपी के टीम लीडर ओमैर शहिद एसपीओसी की भूमिका निभाएंगे, जबकि कौशल मिशन की अध्यक्ष डॉ. पवित्रा टंडन, अतुल कुमार सिंह, धनंजय कुमार द्विवेदी और ज्योति श्रीवास्तव प्रमुख जिम्मेदारियां संभालेंगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि यह सेल प्रशिक्षण से प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया को तेज कर देगा।
सेल की व्यवस्थित कार्यप्रणाली
‘कौशल कनेक्ट सेल’ की कार्यप्रणाली बेहद व्यवस्थित है। यह जिला-वार डेटाबेस तैयार करेगा, जिसमें दर्ज होगा कि किस जिले में कितना निवेश आ रहा है और ऑटोमोबाइल, आईटी, टेक्सटाइल जैसे सेक्टर्स में कितने युवाओं की जरूरत है। रियल-टाइम ट्रैकिंग के जरिए इन्वेस्ट यूपी के साथ दैनिक समन्वय होगा, ताकि प्रोजेक्ट्स की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
निवेशकों के एचआर विभाग से सीधा संपर्क साधकर ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से युवाओं को प्लेसमेंट दिया जाएगा। प्लेसमेंट के बाद भी युवाओं की प्रगति पर निगरानी रखी जाएगी। इस तरह, प्रशासनिक जिम्मेदारियां जमीन पर उतरेंगी और उद्योगों को समय पर कुशल श्रमिक मिलेंगे।
35 सेक्टर्स में व्यापक ट्रेनिंग
वर्तमान में UPSDM के तहत 35 सेक्टर्स में 1300 से अधिक जॉब रोल्स पर ट्रेनिंग चल रही है। मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, ‘कौशल कनेक्ट सेल’ ट्रेनिंग और इंडस्ट्री डिमांड के बीच के गैप को पाट देगा। अब युवाओं को दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों में भटकना नहीं पड़ेगा; अपने ही जिले में नौकरी मिल जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ऑटोमोबाइल कंपनी कानपुर में निवेश कर रही है, तो सेल स्थानीय युवाओं को उसी सेक्टर में प्रशिक्षित कर सीधे जोड़ेगा। यह न केवल माइग्रेशन रोकेगा, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत कर निवेश आकर्षित करेगा।
स्किल हब बनने की दिशा में मील का पत्थर
यह पहल उत्तर प्रदेश को ‘स्किल हब’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। पिछले वर्षों में योगी सरकार ने निवेश सम्मेलनों के जरिए अरबों का निवेश खींचा है, लेकिन कुशल श्रमिकों की कमी एक चुनौती थी। अब ‘कौशल कनेक्ट सेल’ इस कमी को दूर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य की जीडीपी में उछाल आएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। युवाओं के लिए यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला कदम है।
नया रोजगार दौर का आगमन
कुल मिलाकर, ‘कौशल कनेक्ट सेल’ न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगा, बल्कि योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। युवा अब घर के पास ही सुनहरा भविष्य पा सकेंगे।









