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RTE Update Rajasthan: अब ज्यादा बच्चों को मिलेगा प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन, सरकार ने बढ़ाया दायरा

राजस्थान के अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का दायरा बढ़ गया है। नर्सरी से पहली कक्षा तक RTE के तहत फ्री एडमिशन के नए नियम, लॉटरी की तारीखें और उम्र की सीमा जानने के लिए पढ़ें यह खास रिपोर्ट।

By Pinki Negi

RTE Update Rajasthan: अब ज्यादा बच्चों को मिलेगा प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन, सरकार ने बढ़ाया दायरा
RTE Update Rajasthan

राजस्थान सरकार ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बहुत ही सराहनीय फैसला लिया है, जिससे अब निजी स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का दायरा बढ़ गया है। शिक्षा के अधिकार (RTE) के नए नियमों के तहत, अब केवल बड़ी कक्षाओं में ही नहीं, बल्कि नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक के छोटे बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन मिल सकेगा। इस बड़े बदलाव से उन अभिभावकों की चिंता दूर हो गई है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में नहीं भेज पा रहे थे। अब बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव शुरुआती चार कक्षाओं से ही मुफ्त और मजबूत होगी।

अब प्री-प्राइमरी की हर कक्षा में मिलेगा मुफ्त दाखिला

राजस्थान सरकार के नए नियमों ने प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन की राह और आसान बना दी है। पहले जहाँ आरटीई (RTE) के तहत विकल्प सीमित थे, वहीं अब अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला नर्सरी, एलकेजी (LKG), यूकेजी (UKG) और पहली कक्षा में भी मुफ्त करवा सकेंगे।

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब बच्चों को शुरुआती शिक्षा के लिए एलकेजी या यूकेजी जैसे विकल्पों में भी प्रवेश मिल सकेगा, जिससे उनकी पढ़ाई की नींव शुरू से ही मजबूत होगी। अब माता-पिता के पास पहले के मुकाबले आवेदन करने के लिए ज्यादा और बेहतर विकल्प मौजूद हैं।

वेदन की तारीख और उम्र की सीमा

राजस्थान में आरटीई के तहत मुफ्त एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होने जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए बच्चों का चयन 6 मार्च को निकलने वाली लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। लॉटरी में नाम आने वाले बच्चों को नियमों के अनुसार स्कूल आवंटित किए जाएंगे।

सरकार ने उम्र की सीमा भी स्पष्ट कर दी है: नर्सरी के लिए 3 से 4 वर्ष, एलकेजी के लिए 4 से 5 वर्ष, यूकेजी के लिए 5 से 6 वर्ष और पहली कक्षा के लिए 6 से 7 वर्ष की आयु होना अनिवार्य है। इससे अभिभावकों के लिए यह तय करना आसान हो गया है कि उनका बच्चा किस कक्षा के पात्र है।

RTE सीटों के आवंटन का नया सरकारी फॉर्मूला

राजस्थान सरकार ने स्कूलों में फ्री सीटों के निर्धारण के लिए एक नया और पारदर्शी फॉर्मूला लागू किया है। इसके तहत, किसी भी निजी स्कूल में पिछले तीन वर्षों के औसत एडमिशन के आधार पर कुल सीटों की गणना की जाएगी, जिनमें से 25 प्रतिशत सीटें गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए आरक्षित होंगी।

यदि किसी कक्षा के पुराने बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है, तो खाली बची हुई सीटों पर ही नए एडमिशन लिए जाएंगे। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध सीटों का सही और संतुलित उपयोग करना है ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

खाली सीटों पर एडमिशन का नया नियम

अक्सर देखा जाता था कि नर्सरी में दाखिला लेने के बाद कुछ बच्चे बीच में ही स्कूल छोड़ देते थे, जिससे आगे की कक्षाओं में सीटें खाली रह जाती थीं। राजस्थान सरकार के नए नियम के तहत अब इन खाली सीटों को भी आरटीई (RTE) के माध्यम से भरा जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कोई भी आरक्षित सीट बेकार नहीं जाएगी और अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। यह कदम शिक्षा के अधिकार को हर स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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