
अक्सर लोग अपनी असली उम्र छिपाने या कम दिखाने के लिए नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर आधार कार्ड में बदलाव करवा लेते थे, लेकिन अब इस तरह की धोखाधड़ी पर लगाम लगा दी गई है। सरकार ने नियमों को कड़ा करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने सर्टिफिकेट को निरस्त करवाकर दूसरा बनवाना और उसके जरिए जन्मतिथि अपडेट कराना अब आसान नहीं होगा। इस सख्त बदलाव का उद्देश्य डेटा की शुद्धता बनाए रखना और सरकारी सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
नए जन्म प्रमाण पत्र से नहीं बदलेगी जन्मतिथि
आधार में जन्मतिथि के हेरफेर को रोकने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब यदि कोई व्यक्ति अपनी जन्मतिथि बदलवाना चाहता है, तो उसे अपने पुराने (मूल) जन्म प्रमाण पत्र में ही सुधार करवाना होगा, क्योंकि उसमें दर्ज विशेष पंजीकरण संख्या नहीं बदलनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति पुराने सर्टिफिकेट को रद्द करवाकर बिल्कुल नया प्रमाण पत्र बनवाता है, तो उसे आधार अपडेट के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि नई पंजीकरण संख्या वाले सर्टिफिकेट से आधार की पुरानी जन्मतिथि नहीं बदली जा सकेगी।
नौकरी और स्पोर्ट्स में नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा
अक्सर सरकारी नौकरी में अधिक मौके पाने या खेलों में कम उम्र का फायदा उठाने के लिए लोग जन्मतिथि में हेरफेर करते हैं। कई लोग तो बार-बार हाईस्कूल की परीक्षा देकर अपनी उम्र कम करवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब नए नियमों ने इन सभी रास्तों को बंद कर दिया है। सरकार की सख्त निगरानी और जन्म पंजीकरण संख्या (Registration Number) के अनिवार्य मिलान से अब उम्र छिपाने वाला हर शख्स आसानी से पकड़ा जाएगा। यह कदम सिस्टम में पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है।
80% लोग सिर्फ जन्मतिथि बदलवाने आ रहे
आधार केंद्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों में बढ़ती भीड़ का सबसे बड़ा कारण जन्मतिथि (DOB) में बदलाव है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 80 फीसदी लोग उम्र के हेरफेर के लिए ही अपडेट करवाते हैं। हालांकि, नियम पहले से ही सख्त था कि कोई भी व्यक्ति जीवन में एक से अधिक बार खुद से जन्मतिथि नहीं बदल सकता और दूसरी बार बदलाव के लिए क्षेत्रीय कार्यालय जाना अनिवार्य था। इसके बावजूद, लोग नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर सिस्टम में सेंध लगा लेते थे, जिसे रोकने के लिए अब सरकार ने पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर को ही अनिवार्य कर दिया है।
पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर के बिना नहीं बदलेगी जन्मतिथि
UIDAI लखनऊ के उप महानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि आधार में जन्मतिथि बदलने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब आधार अपडेट के लिए केवल वही जन्म प्रमाण पत्र मान्य होगा जिसमें संशोधन (Correction) किया गया हो, न कि कोई नया प्रमाण पत्र।
यदि आप नई जन्म पंजीकरण संख्या (Registration Number) वाला सर्टिफिकेट इस्तेमाल करते हैं, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। आसान शब्दों में, आपको अपने पुराने सर्टिफिकेट में ही सुधार करवाना अनिवार्य होगा।









