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Indian Railway: भारत का वो अनोखा रेलवे स्टेशन जिसका नाम है सिर्फ 2 अक्षर का! जानें कैसे पड़ा यह अजीबोगरीब नाम

भारत का सबसे छोटा नाम वाला रेलवे स्टेशन IB ओडिशा के झारसुगुड़ा में है। इब नदी के नाम पर पड़ा यह दो अक्षरों का स्टेशन कोयला खदानों से जुड़ा है। गुजरात का OD भी इसी श्रेणी में है। रेलवे की अनोखी धरोहर, जहां सादगी और इतिहास का संगम है।

By Pinki Negi

Indian Railway: भारत का वो अनोखा रेलवे स्टेशन जिसका नाम है सिर्फ 2 अक्षर का! जानें कैसे पड़ा यह अजीबोगरीब नाम

भारतीय रेलवे नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो रोजाना लाखों यात्रियों को जोड़ता है। 1853 में पहली ट्रेन मुंबई से ठाणे के बीच चली थी, और आज यह 22,000 से अधिक ट्रेनों का संचालन करता है। लेकिन रेलवे की इस विशालता में कुछ अनोखे फैक्ट्स छिपे हैं, जैसे ओडिशा का IB स्टेशन – भारत का सबसे छोटा नाम वाला रेलवे स्टेशन, जिसके नाम में महज दो अक्षर हैं। यह स्टेशन न सिर्फ अपनी सादगी के लिए मशहूर है, बल्कि इसके नाम की कहानी भी बेहद दिलचस्प है।

IB स्टेशन: कहां है और कैसे पहुंचें?

IB रेलवे स्टेशन ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में बसा है, जो रायपुर-विशाखापत्तनम मुख्य रेल लाइन पर स्थित है। यह कोयला खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों का केंद्र है, जहां मालगाड़ियों की आवाजाही प्रमुख है। स्टेशन कोड भी IB ही है, जो इसे भारतीय रेलवे के सबसे छोटे नामों में शुमार करता है। छोटी सी बिल्डिंग और सीमित पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव के कारण यह कम चर्चित रहता है, लेकिन रेल उत्साहीयों के बीच यह प्रसिद्ध है। झारसुगुड़ा से मात्र 42 किलोमीटर दूर, यह स्टेशन स्थानीय ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है।

ईब नदी की अनोखी कहानी

IB का नाम स्थानीय ‘इब नदी’ से लिया गया है, जो महानदी की प्रमुख सहायक नदी है। यह नदी झारसुगुड़ा क्षेत्र से होकर बहती है और इलाके की जीवनरेखा मानी जाती है। ब्रिटिश काल में रेलवे विस्तार के दौरान, जब स्टेशन बनाया गया, तो आसपास की भौगोलिक पहचान को प्राथमिकता दी गई। इब नदी के नाम को छोटा करके IB रखा गया, जो अंग्रेजी में ‘Ib’ के रूप में लिखा जाता है।

यह नाम मात्र दो अक्षरों ‘I’ और ‘B’ का है, जो हिंदी में ‘ईब’ उच्चारित होता है। स्थानीय भाषा में नदी को ‘इब’ कहा जाता है, जो संस्कृत मूल ‘इब’ से प्रेरित हो सकती है, अर्थात् जल स्रोत। इस तरह, नाम अंग्रेजी संक्षिप्तीकरण का परिणाम है, न कि कोई अजीबोगरीब संयोग।

क्या IB अकेला है?

हालांकि कुछ स्रोत IB को इकलौता बताते हैं, लेकिन गहन शोध से पता चलता है कि गुजरात में OD स्टेशन भी दो अक्षर वाला है। OD ओड (Od) नामक स्थान पर है, जो पश्चिमी भारत का प्रतिनिधि है। IB पूर्वी और OD पश्चिमी छोर पर स्थित होकर अनोखी जोड़ी बनाते हैं। दोनों स्टेशन रेलवे नक्शे पर अपनी सादगी से चमकते हैं। IB कोयला परिवहन का हब है, जबकि OD छोटे पैमाने पर माल ढुलाई करता है।

रेलवे के अन्य रोचक फैक्ट्स

भारतीय रेलवे में IB जैसे कई अनोखे स्टेशन हैं। उदाहरणस्वरूप, वेंगर्ला (महाराष्ट्र) का 58-अक्षरों वाला नाम सबसे लंबा है। IB की छोटी इमारत में बेसिक सुविधाएं हैं – टिकट काउंटर, वेटिंग रूम और प्लेटफॉर्म। यहां प्रतिदिन 4-5 ट्रेनें रुकती हैं, ज्यादातर फ्रेट। पर्यावरण के लिहाज से, इब नदी का क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है, लेकिन कोयला खनन से प्रदूषण की चुनौती है। रेलवे मंत्रालय ने हाल ही में डीजल से इलेक्ट्रिक ट्रेनों पर जोर दिया है, जो IB जैसे स्टेशनों को प्रभावित करेगा।

महत्व और भविष्य

IB स्टेशन रेलवे इतिहास का जीवंत उदाहरण है, जो दर्शाता है कि नाम कैसे स्थानीय संस्कृति से जुड़े होते हैं। यह दुनिया के सबसे छोटे नाम वाले स्टेशनों में गिना जाता है। आने वाले समय में, वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनें यहां विस्तार ला सकती हैं। रेल यात्री ऐप पर IB सर्च करने से इसका पूरा विवरण मिलता है। यह स्टेशन साबित करता है कि रेलवे सिर्फ परिवहन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर भी है।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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