
इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (Ola Electric) ने 13 फरवरी 2026 को अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26, अक्टूबर-दिसंबर 2025) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए। बोर्ड मीटिंग दोपहर 3 बजे शुरू होकर 45 मिनट में समाप्त हुई, जिसमें कंपनी की माली हालत का कच्चा चिट्ठा सामने आया। रेवेन्यू में 55% की भारी गिरावट और ₹487 करोड़ का नेट लॉस आने से निवेशकों में हड़कंप मच गया। कंपनी के शेयरों पर भी दबाव दिखा, जबकि CEO भविश अग्रवाल इसे ‘स्ट्रक्चरल रीसेट’ बता रहे हैं। क्या यह EV मार्केट में ओला की वापसी की शुरुआत है या संकट की घंटी? आइए विस्तार से समझें।
रेवेन्यू पर पड़ा सबसे बड़ा ब्रेक
इस तिमाही में ओला का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹470 करोड़ रह गया, जो Q3 FY25 के ₹1,045 करोड़ से 55% और Q2 FY26 के ₹690 करोड़ से 32% कम है। 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) का कुल रेवेन्यू ₹1,988 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹3,903 करोड़ से आधा से भी कम। अन्य आय ₹34 करोड़ रही।
डिलीवरी वॉल्यूम 61% गिरकर 32,680 यूनिट्स पर सिमट गया – प्रीमियम सेगमेंट में 79% और मास मार्केट में 51% की कमी। बाजार हिस्सेदारी 2024 के 35% से घटकर जनवरी 2026 में महज 6% रह गई। जनवरी में सिर्फ 7,516 स्कूटर बिके, जो बजाज, टीवीएस जैसी प्रतिस्पर्धा और सर्विस शिकायतों (ब्रेकडाउन, आग लगने की घटनाएं) से प्रभावित हैं।
सुधार तो है, लेकिन चिंता बरकरार
नेट लॉस ₹487 करोड़ रहा, जो Q3 FY25 के ₹564 करोड़ से 14% कम लेकिन Q2 FY26 के ₹416 करोड़ से बढ़ा। 9 महीनों का कुल घाटा ₹1,333 करोड़। EPS नेगेटिव ₹1.10। ऑटोमोटिव सेगमेंट से ₹467 करोड़ रेवेन्यू लेकिन ₹289 करोड़ लॉस, जबकि सेल सेगमेंट (बैटरी) से ₹9 करोड़ रेवेन्यू पर ₹89 करोड़ घाटा। कुल खर्च ₹741 करोड़- मटेरियल पर ₹223 करोड़, एम्प्लॉयी बेनिफिट्स पर ₹92 करोड़।
अच्छी बात: ग्रॉस मार्जिन रिकॉर्ड 34.3% (पहले 18.6%), EBITDA लॉस ₹271 करोड़ (पहले ₹460 करोड़), और opex पीक ₹840 करोड़ से घटकर ₹484 करोड़। गिगाफैक्ट्री ने सेल प्रोडक्शन दोगुना (72,418 यूनिट्स) किया।
| समयावधि | रेवेन्यू (₹ करोड़) | नेट लॉस (₹ करोड़) | ग्रॉस मार्जिन % |
|---|---|---|---|
| Q3 FY26 | 470 | 487 | 34.3 |
| Q2 FY26 | 690 | 416 | 30.9 |
| Q3 FY25 | 1,045 | 564 | 18.6 |
IPO फंड का सही इस्तेमाल
₹5,275 करोड़ के IPO से ₹3,772 करोड़ खर्च: R&D पर ₹740 करोड़, ग्रोथ पर ₹826 करोड़, कॉर्पोरेट पर ₹1,134 करोड़, कर्ज चुकाने पर ₹1,072 करोड़। बची ₹1,503 करोड़ + ₹1,500 करोड़ अतिरिक्त जुटाने की योजना। ऑडिटर (BSR & Co) ने क्लीन चिट दी।
CEO का भरोसा: रीसेट से प्रॉफिटेबिलिटी
अग्रवाल ने शेयरहोल्डर्स को पत्र में कहा, “यह स्ट्रक्चरल रीसेट है- सर्विस बैकलॉग 50% कम, 80% सम-डे रिजॉल्यूशन, opex टारगेट ₹250-300 करोड़, EBITDA ब्रेकईवन 15,000 यूनिट्स/माह।” वर्टिकल इंटीग्रेशन, Gen3 प्लेटफॉर्म, PLI सर्टिफिकेशन से मार्जिन मजबूत। गिगाफैक्ट्री 6 GWh तक स्केल-अप, Ola Shakti (BESS) लॉन्च। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल 2026 में। 700 स्टोर्स, 11 लाख कस्टमर बेस एक्टिवेट करने का प्लान।
स्कूटर दाम बढ़ेंगे?
डायरेक्ट घोषणा नहीं, लेकिन 50% कॉस्ट कट टारगेट और वॉल्यूम रिकवरी से मामूली बढ़ोतरी संभव। पहले डिस्काउंटिंग से मार्जिन दबा, अब फंडामेंटल्स फिक्स। सर्विस सुधार न हुआ तो डिमांड कम रहने से दाम स्थिर। EV सब्सिडी खत्म होने से सेक्टर पर दबाव। ओला के लिए यह अग्निपरीक्षा है। पर्याप्त कैश, नए प्रोडक्ट्स और एफिशिएंसी से ‘गोइंग कंसर्न’ का दावा, लेकिन सेल्स रिकवरी जरूरी।









