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Mobile Number Rule: नंबर बंद करने के नए नियम पर Jio और Airtel की आपत्ति, क्या बढ़ेगी यूजर्स की मुश्किलें?

TRAI का AI स्पैम ब्लॉकिंग प्रस्ताव विवादों में: बिना शिकायत के 10 दिनों तक AI फ्लैग पर नंबर बंद! Jio-Airtel ने सतर्कता बरतने को कहा, निर्दोष यूजर्स पर असर की आशंका। KYC की लंबी प्रक्रिया से सिरदर्द, कंपनियां 140-सीरीज और सख्त UCC नियम सुझा रही हैं। TRAI अंतिम फैसला लेगा।

By Pinki Negi

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कल्पना कीजिए – आप बेकसूर हैं, न कोई स्पैम कॉल किया, न मैसेज भेजा, फिर भी AI एक झटके में आपका मोबाइल नंबर बंद कर दे! सुनने में डरावना लगे, लेकिन टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का ताजा प्रस्ताव यही संकेत दे रहा है। स्पैम कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने के नाम पर अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) राज करेगी, जो बिना किसी मानवीय शिकायत के नंबर ब्लॉक कर सकेगी। हालांकि, रिलायंस जियो और एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियां इसकी जोरदार मुखालफत कर रही हैं। क्या वाकई यूजर्स की मुश्किलें बढ़ेंगी? आइए, इस विवाद की गहराई में उतरें।

TRAI का क्रांतिकारी प्रस्ताव

भारत में प्रतिदिन करोड़ों स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज यूजर्स को परेशान करते हैं। वर्तमान नियमों के तहत किसी नंबर पर कार्रवाई तभी होती है, जब 10 दिनों में उसके खिलाफ कम से कम 5 अलग-अलग शिकायतें दर्ज हों। लेकिन TRAI अब इसे बदलना चाहता है। ET Telecom की रिपोर्ट के मुताबिक, नया प्रस्ताव कहता है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों का AI सिस्टम किसी नंबर को लगातार 10 दिनों तक ‘संभावित स्पैम’ घोषित करे, तो बिना शिकायत के ही उसे तुरंत ब्लॉक या डिस्कनेक्ट किया जा सकेगा।

यह कदम साइबर सिक्योरिटी रूल्स 2024 और हालिया मोबाइल वैलिडेशन नियमों का विस्तार है। पहले से ही 121 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए फर्जी नंबर्स बंद करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें SIM बाइंडिंग (WhatsApp-Telegram पर रजिस्टर्ड SIM का फोन में होना जरूरी) और MNP के लिए 7 दिन का कूलिंग पीरियड शामिल है। TRAI का मानना है कि AI से स्पैम ठगी पर 80% तक लगाम लगेगी, खासकर URL, APK या विदेशी कॉल्स पर। पिछले साल ही TRAI ने 18 लाख नंबर्स और 680 एंटिटीज को ब्लैकलिस्ट किया था।

Jio-Airtel की आपत्ति

जियो, एयरटेल और Vi ने TRAI से साफ कहा- AI पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा है। कंपनियों का तर्क है कि AI एल्गोरिदम में त्रुटि हो सकती है, जिससे निर्दोष यूजर का नंबर बंद हो जाए। उदाहरणस्वरूप, ग्रामीण इलाकों में एक फोन पर पूरे परिवार का नंबर चलता है या बैंकिंग के लिए पुराना नंबर इस्तेमाल होता है- AI इसे स्पैम समझ सकता है।

ब्लॉक होने पर KYC प्रक्रिया लंबी है: दस्तावेज जमा, स्टोर विजिट और 7-10 दिन का इंतजार। BSNL जैसे सरकारी ऑपरेटर के पास अभी AI सिस्टम ही नहीं है, जबकि प्राइवेट कंपनियों के पैरामीटर्स अलग-अलग हैं। IAMAI संगठन के साथ मिलकर कंपनियां सरकार से अपील कर रही हैं कि मानवीय समीक्षा जरूरी हो।

यूजर्स पर असर: फायदा या नुकसान?

यूजर्स के लिए दोहरी तलवार है। फायदा: स्पैम कॉल्स (जैसे लोन ऑफर, फर्जी OTP) कम होंगे। लेकिन नुकसान ज्यादा – छोटे व्यापारियों, बुजुर्गों या मल्टी-सिम यूजर्स को परेशानी। दिल्ली-NCR जैसे शहरों में जहां 1 नंबर से 5-6 ऐप्स चलते हैं, वैलिडेशन फेल होने पर बैंक अकाउंट लॉक्ड हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 के मध्य तक ट्रायल पूरा होने पर 10-15% नंबर्स प्रभावित हो सकते हैं।

समाधान? अल्टरनेट नंबर रखें, 121/198 पर चेक करें, MyJio/Airtel Thanks ऐप से वैरिफाई करें। कंपनियां स्टोर्स पर फ्री सहायता दे रही हैं।

कंपनियों का वैकल्पिक सुझाव

कंपनियां सुझा रही हैं: टेलीमार्केटर्स के लिए 14-सीरीज नंबर, सख्त पेनल्टी और व्हाइटलिस्टिंग। TRAI स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद फैसला लेगा। फरवरी 2026 तक प्रस्ताव लागू हो सकता है। फिलहाल, सतर्क रहें – स्पैम न करें, लेकिन AI के जाल में फंसें भी नहीं!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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