Tags

UPI Big Payments: लिमिट से परेशान? बड़े ट्रांजैक्शन करने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके

यूपीआई बिग पेमेंट्स: लिमिट से परेशान? NPCI के 1 लाख रोजाना के नियम से स्कूल फीस, किराया या EMI में अटकाव। KYC अपडेट, मल्टी-अकाउंट, स्प्लिट पेमेंट या RTGS से आसानी। अस्पताल-टैक्स पर 5 लाख तक छूट। स्मार्ट तरीकों से बड़े ट्रांजेक्शन बेफिक्र!

By Pinki Negi

UPI Big Payments: लिमिट से परेशान? बड़े ट्रांजैक्शन करने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके

डिजिटल इंडिया की सवारी पर सवार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज हर भारतीय की जेब में है। सुबह की चाय से लेकर शाम की शॉपिंग तक, सब कुछ मोबाइल पर। लेकिन जब स्क्रीन पर ‘Limit Exceeded’ का मैसेज चमकता है, तो सुविधा सिरदर्द बन जाती है। स्कूल फीस, मकान का किराया या कार की EMI- बड़े पेमेंट के समय 1 लाख रुपये की दैनिक लिमिट भारी पड़ती है। NPCI के नियमों के मुताबिक, सामान्य यूजर के लिए रोजाना 1 लाख रुपये तक ही ट्रांसफर संभव है, जो बैंक और ऐप पर निर्भर करता है।

यूपीआई लिमिट का आधार

यूपीआई की यह सीमा कोई ऐप की मनमानी नहीं। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), RBI और बैंकों की जोखिम नीतियां इसे तय करती हैं। हर 24 घंटे में लिमिट रीसेट होती है, लेकिन प्रति ट्रांजेक्शन भी 1 लाख की कैप रहती है। मासिक लिमिट 25-50 लाख तक जा सकती है। PhonePe, Google Pay या BHIM जैसे ऐप्स अलग लिमिट नहीं देते- यह बैंक अकाउंट से लिंक्ड होती है। एक ही अकाउंट को कई ऐप्स में यूज करें, तो भी कुल 1 लाख ही। नया फोन, सिम चेंज या पहली बार एक्टिवेशन पर सुरक्षा के चलते बैंक लिमिट घटा देता है।

खास मामलों में लिमिट में ढील

अच्छी खबर यह है कि कुछ ट्रांजेक्शंस पर NPCI ने छूट दी है। अस्पताल बिल, स्कूल-कॉलेज फीस, टैक्स, IPO आवेदन या सरकारी भुगतान पर लिमिट 2-5 लाख तक बढ़ जाती है। 2026 के नए नियमों में इंश्योरेंस, ट्रैवल, EMI और लोन के लिए भी 5 लाख प्रति ट्रांजेक्शन (10 लाख दैनिक) की सीमा है। नए UPI ID के पहले 24 घंटे में सिर्फ 5,000 रुपये। लेकिन बैंक सपोर्ट जरूरी- सभी पर लागू नहीं। मर्चेंट UPI ID पर पेमेंट रिसीवर के लिए अक्सर अनलिमिटेड होता है।​

लिमिट क्यों और कब घटती है?

KYC अधूरी, संदिग्ध एक्टिविटी या हाई-रिस्क प्रोफाइल पर बैंक लिमिट काट लेता है। उदाहरण के तौर पर, SBI में 1 लाख दैनिक, लेकिन 10 ट्रांजेक्शंस तक। HDFC या Axis जैसे बैंक वीकली/मंथली कैप लगा सकते हैं। 20 ट्रांजेक्शंस प्रतिदिन की कुल सीमा है। फोन चेंज पर OTP वेरीफिकेशन जरूरी, वरना लिमिट लॉक।

लिमिट बढ़ाने के प्रैक्टिकल तरीके

  1. KYC अपडेट: नेट बैंकिंग या ऐप में प्रोफाइल चेक करें। पेंडिंग KYC पूरा करें- लिमिट अपने आप बढ़ जाती है।
  2. बैंक से संपर्क: कस्टमर केयर या ब्रांच में रिक्वेस्ट करें। अच्छी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री पर अप्रूव हो जाता है।
  3. मल्टी-अकाउंट: 2-3 बैंक अकाउंट लिंक करें। हरेक की अलग 1 लाख लिमिट।
  4. स्प्लिट पेमेंट: 3 लाख का पेमेंट 3 दिन में 1-1 लाख बांटें। मिडनाइट रीसेट का फायदा लें।
  5. विकल्प चुनें: बड़े अमाउंट पर RTGS/NEFT, नेट बैंकिंग या ATM। क्रेडिट कार्ड बिल पर 5 लाख तक UPI संभव।​
श्रेणीदैनिक लिमिटउदाहरण
सामान्य P2P₹1 लाखरोजमर्रा ट्रांसफर 
विशेष (टैक्स, फीस)₹5 लाखअस्पताल, IPO 
लोन/EMI₹10 लाखइंश्योरेंस, ट्रैवल ​
नया UPI ID₹5,000पहला दिन 

सिक्योरिटी और सलाह

UPI फ्री है, लेकिन मर्चेंट्स पर इंटरचेंज फीस। हमेशा मल्टी-फैक्टर ऑथ रखें, अपडेटेड ऐप यूज करें। बड़े पेमेंट से पहले लिमिट चेकर टूल्स जैसे indianupi.com पर वेरिफाई करें। 2026 में QR बेस्ड बिजनेस पर GST थ्रेशोल्ड 40 लाख। गिफ्ट्स 50,000 से ऊपर टैक्सेबल।​ यूपीआई क्रांति है, लेकिन स्मार्ट यूज से लिमिट सिरदर्द नहीं बनेगी। बैंक पॉलिसी चेक करें, प्लानिंग करें- बड़े ट्रांजेक्शन आसान! 

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

अभी-अभी मोदी का ऐलान

हमारे Whatsaap ग्रुप से जुड़ें