
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) की फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। भारत अब 80वें स्थान से चढ़कर 75वें स्थान पर आ गया है, जो भारतीयों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और भी आसान बनाता है। जहाँ एक ओर सिंगापुर और जापान जैसे देश टॉप पर बने हुए हैं, वहीं अमेरिका और ब्रिटेन जैसे शक्तिशाली देशों की रैंकिंग में कमी आई है। यह सुधार वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
भारतीय पासपोर्ट की बढ़ी ताकत
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) की फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में बड़ा सुधार आया है। साल की शुरुआत में भारत 80वें स्थान पर था, लेकिन अब यह 75वें स्थान पर पहुँच गया है। यह रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों में बिना किसी पूर्व वीजा के यात्रा कर सकते हैं। भारत की रैंकिंग में यह 5 पायदान का सुधार वैश्विक स्तर पर भारतीय नागरिकों के लिए बढ़ती यात्रा सुविधाओं और मज़बूत होते कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक है।
पासपोर्ट रैंकिंग 2026
दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट्स की ताजा रैंकिंग में एशियाई देशों ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। सिंगापुर एक बार फिर नंबर वन पर है, जिसके नागरिक बिना किसी परेशानी के 192 देशों की यात्रा कर सकते हैं। वहीं, जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिन्हें 188 देशों में वीजा-मुक्त प्रवेश मिलता है। यह इंडेक्स दर्शाता है कि एशियाई पासपोर्ट धारकों के लिए वैश्विक यात्रा के दरवाजे सबसे ज्यादा खुले हुए हैं, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों की पकड़ इस बार थोड़ी कमजोर हुई है।
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, लेकिन ऐतिहासिक शिखर से अब भी दूर
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में आया यह ताजा सुधार भारत के मजबूत होते अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और बढ़ती अर्थव्यवस्था का परिणाम है। हालांकि, ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 2006 में (71वीं रैंक) था, जहाँ तक पहुँचने के लिए अभी और सुधार की ज़रूरत है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे ताकतवर देशों का दबदबा कम हो रहा है; अमेरिका जो कभी टॉप पर था, अब फिसलकर 10वें स्थान पर आ गया है। यह बदलाव वैश्विक यात्रा की बदलती शक्ति और कूटनीति को दर्शाता है।
ग्लोबल रैंकिंग में सुधार
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की ताकत लगातार बढ़ रही है। साल की शुरुआत में 80वें स्थान पर रहने के बाद, अब भारत 75वें स्थान पर पहुँच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय विदेश नीति, नए द्विपक्षीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण भारतीय नागरिकों के लिए दुनिया के दरवाजे और अधिक खुल रहे हैं।
हालांकि हम अभी भी अपनी सर्वश्रेष्ठ ऐतिहासिक रैंकिंग (71वीं) से थोड़ा पीछे हैं, लेकिन यह सुधार संकेत देता है कि आने वाले समय में कूटनीतिक प्रयासों से भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा और बढ़ सकती है।
| क्रमांक | देश | पासपोर्ट रैंक 2026 | वीजा-फ्री/वीजा-ऑन-अराइवल देश (लगभग) |
|---|---|---|---|
| 1 | सिंगापुर | 1 | 190+ देश |
| 2 | जापान | 2 | 185+ देश |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 3 | 185+ देश |
| 4 | जर्मनी | 4 | 185+ देश |
| 5 | स्पेन | 5 | 185+ देश |
| 6 | इटली | 6 | 185+ देश |
| 7 | फ्रांस | 7 | 185+ देश |
| 8 | फिनलैंड | 8 | 185+ देश |
| 9 | स्वीडन | 9 | 185+ देश |
| 10 | अमेरिका | 10 | 180+ देश |
| — | भारत | 75 | 70+ देश |









