
झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अब 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को अपना आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए कोई भी फीस नहीं देनी होगी। सरकार ने देखा कि कई परिवार पैसों की कमी के कारण बच्चों का आधार अपडेट नहीं करा पा रहे थे, इसीलिए अब इस सेवा को पूरी तरह निःशुल्क (Free) कर दिया गया है। छात्र इस विशेष सुविधा का लाभ सितंबर 2026 तक उठा सकते हैं। इस फैसले से उन गरीब परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी जो आधार कार्ड न होने या पुराना होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से चूक जाते थे।
मिशन मोड में होगा बच्चों का आधार अपडेट
झारखंड सरकार अब बच्चों के आधार कार्ड को ‘मिशन मोड’ में अपडेट करने की तैयारी में है। राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने सभी जिलों को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि 7 से 15 वर्ष के छात्र-छात्राओं का बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य रूप से कराया जाए।
खास बात यह है कि 30 सितंबर 2026 तक इस काम के लिए बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे पहले 5 से 7 साल और 15 से 17 साल के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही मुफ्त थी, लेकिन अब बीच की उम्र वाले छात्रों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई केंद्र बच्चों से पैसे मांगता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
स्कूलों में तेजी से चलेगा आधार अपडेट अभियान, ऑपरेटरों को सख्त निर्देश
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने बच्चों के आधार अपडेट कार्य को ‘त्वरित गति’ से पूरा करने का संकल्प लिया है। इसके लिए सभी स्कूलों, शिक्षकों, कर्मचारियों और यहाँ तक कि आधार ऑपरेटरों को भी तत्काल जानकारी दी जा रही है ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि छात्रों और उनके अभिभावकों को इस मुफ्त सुविधा के प्रति जागरूक किया जाए। संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि जमीनी स्तर पर किसी भी छात्र को परेशानी न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी का बायोमेट्रिक अपडेट पूरा हो सके।
बच्चों के आधार कार्ड के लिए बायोमेट्रिक अपडेट क्यों है जरूरी?
जब बच्चों का आधार कार्ड पहली बार बनता है, तो वह उनके माता-पिता के बायोमेट्रिक्स पर आधारित होता है। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसके शरीर में बदलाव आते हैं, इसलिए 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होता है।
5 साल की उम्र में पहली बार उंगलियों के निशान और आंखों का स्कैन लिया जाता है, जबकि 15 साल की उम्र में शारीरिक बनावट स्थिर होने पर इसे अंतिम रूप से अपडेट किया जाता है। UIDAI ने साफ किया है कि यदि यह अपडेट तय समय सीमा के भीतर कराया जाए, तो इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। आप ऑनलाइन स्लॉट बुक करके अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर यह काम मुफ्त में पूरा करा सकते हैं।
ऐसे आधार अपडेट होगा बच्चों का
अभिभावकों के लिए अपने बच्चे का आधार कार्ड अपडेट कराना अब बेहद सरल है। आपको बस बच्चे के ओरिजिनल आधार कार्ड के साथ नजदीकी आधार केंद्र पर जाना होगा, जहाँ बच्चे के फिंगरप्रिंट, आंखों का स्कैन (Iris) और नई फोटो ली जाएगी।
अपने पास के आधार केंद्र का पता लगाने के लिए आप UIDAI की वेबसाइट या ऐप पर दिए गए QR कोड की मदद ले सकते हैं। सही समय पर यह अपडेट कराना इसलिए जरूरी है ताकि भविष्य में स्कूल एडमिशन, सरकारी लाभ या किसी भी पहचान सत्यापन (Verification) में कोई रुकावट न आए। अच्छी बात यह है कि निर्धारित उम्र वाले बच्चों के लिए यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है।









