
बिहार सरकार ने धार्मिक पर्यटन और यातायात को रफ्तार देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। नेपाल के पशुपतिनाथ (काठमांडू) से झारखंड के बैद्यनाथधाम (देवघर) तक एक शानदार ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ बनाया जाएगा। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधानसभा में ₹8,260 करोड़ का बजट पेश करते हुए बताया कि यह 250 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर काठमांडू से शुरू होकर सुपौल के रास्ते भारत में प्रवेश करेगा। बिहार के सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए यह सीधा देवघर पहुंचेगा, जिससे दो प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और धार्मिक स्थलों के बीच की दूरी घंटों में सिमट जाएगी।
पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम कॉरिडोर से चमकेगी अर्थव्यवस्था
इस परियोजना का सबसे बड़ा लक्ष्य नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर और झारखंड के बैद्यनाथधाम के बीच की दूरी को कम कर धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से न केवल शिवभक्तों के लिए यात्रा सुगम होगी, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बिहार और झारखंड के पिछड़े इलाकों के लिए आर्थिक जीवनरेखा साबित होगा, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-आमस एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
बिहार के पथ निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम कॉरिडोर’ को अलग-थलग नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसे रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-आमस एक्सप्रेसवे जैसे बड़े मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में व्यापार और यात्रा की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। इसके साथ ही, भारत-नेपाल सीमा पर 554 किलोमीटर लंबी विशेष सड़क परियोजना का काम भी तेजी से चल रहा है। यह सड़क बिहार के 7 सीमावर्ती जिलों—पश्चिमी चंपारण के मदनपुर से लेकर किशनगंज के गलगलिया तक—को एक सूत्र में पिरोएगी।
सड़क नेटवर्क के प्रमुख विस्तार
| परियोजना | विवरण | प्रभावित जिले |
| इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड | 554.08 किमी लंबी सामरिक सड़क | प. चंपारण, पू. चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज |
| हाई-स्पीड नेटवर्किंग | रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-आमस से जुड़ाव | मुजफ्फरपुर, पटना और दक्षिण बिहार के क्षेत्र |
| प्रारंभ और अंत | मदनपुर (प. चंपारण) से गलगलिया (किशनगंज) | सीमावर्ती सुरक्षा और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण |
अब आरा से भागलपुर तक का सफर होगा आसान
बिहार सरकार गंगा नदी के किनारे यातायात को एक नई पहचान देने की तैयारी में है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने घोषणा की है कि पटना की लाइफलाइन बन चुके ‘जेपी गंगा पथ’ का अब विस्तार किया जाएगा। यह शानदार मार्ग अब आरा से लेकर भागलपुर तक बनाया जाएगा, जिससे गंगा के दक्षिणी किनारे वाले जिलों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में पटना में जेपी गंगा पथ का काम पूरा होकर जनता के लिए खुल चुका है, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या काफी हद तक कम हुई है। अब इसी तर्ज पर पूरे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।









