
नए साल 2026 में आम जनता की जेब पर बोझ और बढ़ गया है। देश की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने अपने लोकप्रिय डिटर्जेंट ब्रांड्स सर्फ एक्सेल (Surf Excel) और व्हील (Wheel) के दाम बढ़ा दिए हैं। जनवरी से लागू हुई इन नई कीमतों के कारण अब घर का लॉन्ड्री बजट बिगड़ना तय है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच मुनाफे को बनाए रखने के लिए कीमतों में यह इजाफा करना जरूरी हो गया था। अब ग्राहकों को कपड़े धोने के पाउडर के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी।
अब 1 किलो के लिए कितनी ढीली करनी होगी जेब
अगर आप बाजार से डिटर्जेंट खरीदने जा रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहें। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सर्फ एक्सेल और व्हील की कीमतों में ₹3 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी कर दी है। प्रीमियम ब्रांड सर्फ एक्सेल अब ₹152 के बजाय ₹155 प्रति किलो में मिलेगा।
वहीं, बजट सेगमेंट के व्हील डिटर्जेंट की कीमतों में 4% का उछाल आया है, जिससे अब यह ₹73 के बजाय ₹76 प्रति किलो के भाव पर बिकेगा। जानकारों के अनुसार, जीएसटी (GST) कटौती का लाभ न मिलने और बढ़ती लागत की वजह से कंपनियों ने यह बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है।
कीमतों में बदलाव की तुलना
| डिटर्जेंट ब्रांड | पुरानी कीमत (प्रति किलो) | नई कीमत (प्रति किलो) | बढ़ोतरी (प्रतिशत) |
| सर्फ एक्सेल (Surf Excel) | ₹152 | ₹155 | ~2% |
| व्हील (Wheel) | ₹73 | ₹76 | ~4% |
HUL के लिए क्यों खास है डिटर्जेंट का कारोबार?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले काफी समय से डिटर्जेंट की कीमतें स्थिर थीं, लेकिन अब हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने अपना मुनाफा (Margin) सुधारने के लिए दाम बढ़ाने का फैसला किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि कच्चे तेल और पाम ऑयल जैसी निर्माण लागत वाली चीजों के दाम फिलहाल स्थिर हैं, फिर भी बाजार में मुकाबला (Competition) कम होने का फायदा उठाकर कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं। आपको बता दें कि डिटर्जेंट कारोबार HUL के लिए रीढ़ की हड्डी जैसा है; कंपनी की कुल कमाई का 25% से ज्यादा हिस्सा (सालाना लगभग ₹16,000 करोड़) इसी सेगमेंट से आता है।
सस्ते हुए लक्स और डेटॉल साबुन, शैंपू की कीमतों में भी कटौती
कपड़े धोना भले ही महंगा हो गया हो, लेकिन अब नहाना सस्ता होगा! हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने अपने लोकप्रिय लक्स (Lux Rose & Vitamin E) साबुन की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की कटौती की है। इसी राह पर चलते हुए डेटॉल (Dettol Original) बनाने वाली कंपनी रेकिट ने भी अपने साबुन के दाम 8 प्रतिशत तक घटा दिए हैं। इसके अलावा, विभिन्न ब्रांड्स के शैंपू की कीमतों में भी कमी देखी गई है। कंपनियों का यह कदम ग्राहकों को लुभाने और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।
शैंपू की कीमतों में 13% की भारी कटौती
पर्सनल केयर मार्केट में अब ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। देश के सबसे पसंदीदा शैंपू ब्रांड क्लीनिक प्लस (Clinic Plus) की कीमतों में 13 प्रतिशत की बड़ी कमी की गई है। बाजार में अन्य ब्रांड्स के साथ बढ़ते कड़े मुकाबले को देखते हुए कंपनियों ने यह कदम उठाया है।
इस कटौती का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करना और बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। अब मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए बालों की देखभाल पहले से काफी सस्ती हो जाएगी।
हॉर्लिक्स हुआ सस्ता, लेकिन डव लोशन के दाम आसमान पर
बाजार में कीमतों का एक अजीब खेल चल रहा है। बच्चों के पसंदीदा हेल्थ ड्रिंक हॉर्लिक्स (Horlicks) के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि इसकी कीमतों में 7 प्रतिशत की कटौती की गई है। लेकिन दूसरी तरफ, स्किन केयर का बजट बिगड़ने वाला है; कंपनी ने डव (Dove) बॉडी लोशन के दाम में 31 प्रतिशत का भारी इजाफा कर दिया है। कंपनी का मानना है कि डव जैसे प्रीमियम प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर बढ़ी हुई कीमतों का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। मुनाफे और मांग के बीच तालमेल बिठाने के लिए कंपनी ने कहीं दाम घटाकर राहत दी है, तो कहीं बढ़ाकर जेब पर बोझ बढ़ा दिया है।









