
उत्तर प्रदेश में यातायात को तेज और आसान बनाने के लिए योगी सरकार एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के निर्माण पर बड़ा दांव लगा रही है। वर्तमान में राज्य में 7 एक्सप्रेसवे चालू हैं और 3 पर काम चल रहा है, लेकिन भविष्य में 12 नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश में इनकी कुल संख्या 22 हो जाएगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार दो हाई स्पीड रेल नेटवर्क पर भी काम कर रही है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यूपी के एक कोने से दूसरे कोने तक का सफर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के जरिए बेहद कम समय में तय किया जा सकेगा।
हवाई कनेक्टिविटी में नंबर-1 बनेगा यूपी
उत्तर प्रदेश को हवाई यातायात का हब बनाने के लिए योगी सरकार एयरपोर्ट्स के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है। वर्तमान में राज्य में 16 हवाई अड्डे चालू हैं, जिनमें 12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। जेवर (ग्रेटर नोएडा) इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम पूरा हो चुका है और यहाँ से उड़ानें शुरू होते ही उत्तर प्रदेश 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला देश का एकमात्र राज्य बन जाएगा। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों में 8 और नए एयरपोर्ट्स का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिससे आम जनता के लिए हवाई सफर और भी आसान और सुलभ हो जाएगा।
योगी सरकार ने तैयार किया मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
उत्तर प्रदेश को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए योगी सरकार आगामी बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक ध्यान दे रही है। आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 56,662 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस कदम से न केवल बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।
‘नमो भारत’ और कनेक्टिविटी का होगा विस्तार
उत्तर प्रदेश के शहरों में यातायात को आधुनिक बनाने के लिए योगी सरकार मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। वर्तमान में नोएडा, लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो सफलतापूर्वक चल रही है, जबकि अब वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और प्रयागराज जैसे शहरों के लिए भी नई मेट्रो परियोजनाएं तैयार की गई हैं। मेरठ में मेट्रो का काम जारी है, साथ ही रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ‘नमो भारत’ ट्रेन का संचालन शुरू होना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, ये परियोजनाएं राज्य के क्षेत्रीय विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगी।
दोगुनी हुई प्रति व्यक्ति आय और ढाई गुना बढ़ा बजट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने शानदार छलांग लगाई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, साल 2016-17 में प्रदेश के आम व्यक्ति की औसत आय (प्रति व्यक्ति आय) जहाँ ₹61,142 थी, वह 2024-25 में लगभग दोगुनी होकर ₹1,26,304 तक पहुँच गई है। इसी तरह राज्य के बजट का आकार भी मात्र 8 वर्षों में ढाई गुना बढ़ गया है। जहाँ 2016-17 में बजट ₹3.47 लाख करोड़ का था, वहीं अब यह बढ़कर ₹8.33 लाख करोड़ का हो चुका है, जो राज्य के मजबूत होते आर्थिक आधार को दर्शाता है।
यूपी की विकास यात्रा को मिली नई गति
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक और ढांचागत प्रगति की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि 12 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण और शहरों में मेट्रो का विस्तार योगी सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में हो रही संतुलित वृद्धि के साथ-साथ लोगों की आय में हुई बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि राज्य अब देश के विकास का मुख्य केंद्र बन चुका है। सरकार के इन निरंतर प्रयासों ने यूपी को एक सशक्त और प्रगतिशील प्रदेश के रूप में स्थापित कर दिया है।









