
ईपीएफओ (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों को बड़ी राहत देते हुए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है। अप्रैल तक आने वाले इस ऐप की सबसे खास बात यह है कि आप UPI के जरिए अपने पीएफ खाते से तुरंत पैसे निकाल सकेंगे। श्रम मंत्रालय एक ऐसा सिस्टम बना रहा है जहाँ आपके फंड का एक हिस्सा सुरक्षित (Freeze) रहेगा, जबकि बाकी हिस्सा आप जरूरत पड़ने पर सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर पाएंगे। इस कदम से क्लेम सेटलमेंट में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और डिजिटल बैंकिंग की तरह पीएफ सेवाओं का लाभ उठाना भी संभव होगा।
अब एक ही ऐप पर मिलेंगी सारी सुविधाएँ
- पासबुक एक्सेस: सदस्य अपने पीएफ खाते का बैलेंस और पासबुक कभी भी देख सकेंगे।
- निकासी सीमा की जानकारी: ऐप यह साफ दिखाएगा कि आप अपने खाते से कितनी राशि निकालने के योग्य हैं।
- UPI से सीधा ट्रांसफर: पैसे निकालने के लिए किसी लंबे इंतज़ार के बजाय UPI PIN का उपयोग कर सकेंगे।
- सुरक्षित भुगतान: निकाला गया पैसा सीधे आपके ईपीएफओ से लिंक बैंक खाते में ही जाएगा।
- मौजूदा विकल्प भी रहेंगे जारी: यह नया ऐप एक अतिरिक्त सुविधा है; उमंग (UMANG) और UAN पोर्टल पहले की तरह काम करते रहेंगे।
EPFO के नए नियम
- ऑटो-सेटलमेंट की बड़ी सीमा: बीमारी, पढ़ाई, शादी या घर बनाने जैसे जरूरी कामों के लिए अब ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। इससे पैसा अब और भी तेजी से आपके खाते में आता है।
- मिनिमम बैलेंस का नियम: आपके पीएफ अंशदान का 25% हिस्सा हमेशा मिनिमम बैलेंस के रूप में खाते में सुरक्षित रखा जाता है, ताकि भविष्य की सुरक्षा बनी रहे।
- नौकरी छूटने पर राहत: यदि आपकी नौकरी छूट जाती है, तो 12 महीने (1 साल) बीत जाने के बाद आप अपने खाते में जमा वह 25% हिस्सा भी निकाल सकते हैं।
- तेज निकासी: इन नियमों का उद्देश्य इमरजेंसी के समय सदस्यों को बिना किसी कागजी देरी के तुरंत आर्थिक मदद पहुँचाना है।
अप्रैल में लॉन्च होगा EPFO का नया UPI ऐप
ईपीएफओ (EPFO) अपने सदस्यों के लिए पीएफ निकालना और भी आसान बनाने जा रहा है। वर्तमान में इस नए सिस्टम की 100 डमी अकाउंट्स पर कड़ी टेस्टिंग चल रही है ताकि तकनीकी खामियों को पूरी तरह दूर किया जा सके। श्रम मंत्रालय इस क्रांतिकारी मोबाइल ऐप को अप्रैल में लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके बाद सदस्य UPI के जरिए तुरंत अपने खाते से पैसा निकाल सकेंगे। यह पहल डिजिटल सेवाओं को तेज करने और क्लेम सेटलमेंट में लगने वाले समय को खत्म करने के लिए की जा रही है।









