
स्विट्जरलैंड में स्थित ‘इन्स्टीट्यूट ले रोजी’ (Institut Le Rosey) को दुनिया का सबसे महंगा और प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल माना जाता है। 1880 में स्थापित इस स्कूल को ‘स्कूल ऑफ किंग्स’ भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ दुनिया भर के राजघरानों और अरबपतियों के बच्चे पढ़ते हैं।
इसकी सालाना फीस जानकर आप हैरान रह जाएंगे—यहाँ एक साल की पढ़ाई और रहने का खर्च ₹1 करोड़ से ₹1.5 करोड़ के बीच है। यह दुनिया का इकलौता ऐसा स्कूल है जिसके दो कैंपस हैं; गर्मियों में पढ़ाई झील के किनारे ‘रोले’ (Rolle) कैंपस में होती है, तो सर्दियों में पूरा स्कूल पहाड़ों के बीच ‘गस्टाड’ (Gstaad) शिफ्ट हो जाता है ताकि बच्चे स्कीइंग का आनंद ले सकें।
दुनिया का सबसे महंगा स्कूल
जब दुनिया के सबसे महंगे स्कूलों की बात आती है, तो स्विट्जरलैंड का ‘इन्स्टीट्यूट ले रोजी’ (Institut Le Rosey) शीर्ष पर आता है। 1880 में स्थापित इस संस्थान को “स्कूल ऑफ किंग्स” कहा जाता है क्योंकि यहाँ दुनिया भर के राजघरानों, वैश्विक नेताओं और अरबपतियों की संतानों ने शिक्षा प्राप्त की है।
इस स्कूल की कुछ मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
- भारी-भरकम फीस: सत्र 2026-27 के अनुमानों के अनुसार, यहाँ की सालाना बोर्डिंग और ट्यूशन फीस लगभग 1.30 लाख डॉलर (करीब ₹1.15 करोड़ से ₹1.50 करोड़) के बीच है। यह फीस छात्र की उम्र और ग्रेड के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है।
- दो कैंपस वाला एकमात्र स्कूल: यह दुनिया का इकलौता स्कूल है जिसके दो अलग कैंपस हैं। वसंत और शरद ऋतु में पढ़ाई रोले (Rolle) के मुख्य कैंपस में होती है, जबकि सर्दियों (जनवरी से मार्च) में पूरा स्कूल गस्टाड (Gstaad) के विंटर कैंपस में शिफ्ट हो जाता है ताकि बच्चे स्कीइंग जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकें।
- असाधारण सुविधाएं: 28 हेक्टेयर में फैले इस परिसर में ओलंपिक-आकार का स्विमिंग पूल, 400 करोड़ की लागत से बना कॉन्सर्ट हॉल, एक घुड़सवारी केंद्र (Equestrian Center) और निजी नौकायन केंद्र (Sailing Center) जैसी विलासितापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- छात्र-शिक्षक अनुपात: यहाँ करीब 420 छात्रों के लिए 150 से अधिक शिक्षक हैं, जिससे हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है।
स्विट्जरलैंड का वह स्कूल जहाँ जाना हर किसी का सपना है
दुनिया का सबसे महंगा स्कूल, ‘इन्स्टीट्यूट ले रोजी’, स्विट्जरलैंड के खूबसूरत शहर रोले (Rolle) में स्थित है। यह स्कूल अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए जाना जाता है, जहाँ 50 से भी ज्यादा देशों के छात्र एक साथ पढ़ते हैं।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुनिया का एकमात्र ऐसा स्कूल है जो मौसम के साथ अपना पूरा कैंपस बदल लेता है। जहाँ गर्मियों में पढ़ाई लेक जिनेवा के किनारे होती है, वहीं सर्दियों में पूरा स्कूल बर्फीली वादियों वाले गस्टाड (Gstaad) में शिफ्ट हो जाता है। इतनी लग्जरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के कारण ही इसकी फीस करोड़ों में है, जिसे सुनकर अक्सर लोग दंग रह जाते हैं।
दुनिया का सबसे महंगा स्कूल, ‘इन्स्टीट्यूट ले रोजी’
स्विट्जरलैंड का ‘इन्स्टीट्यूट ले रोजी’ दुनिया का सबसे महंगा स्कूल है। यहाँ एक साल की फीस ₹1.5 करोड़ से भी अधिक है। इसे ‘राजाओं का स्कूल’ कहा जाता है क्योंकि यहाँ दुनिया भर के अमीर और शाही परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। इस स्कूल की सबसे खास बात इसके दो कैंपस हैं—एक गर्मियों के लिए और दूसरा सर्दियों के लिए।
‘राजाओं का स्कूल’, जहाँ पढ़ते हैं दुनिया भर के राजकुमार
स्विट्ज़रलैंड का इन्स्टीट्यूट ले रोजी अपनी शाही विरासत के लिए मशहूर है। यहाँ स्पेन, इजिप्ट, बेल्जियम, ईरान और ग्रीस जैसे देशों के राजाओं और राजकुमारों ने शिक्षा प्राप्त की है। करोड़ों की फीस वाले इस स्कूल में बच्चों को दुनिया भर की सांस्कृतिक विविधताओं को समझने का मौका मिलता है। यदि आप भी यहाँ के एडमिशन प्रोसेस को समझना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक वेबसाइट www.rosey.ch पर पूरी जानकारी उपलब्ध है।
एक स्कूल जहाँ सुविधाएँ किसी ‘सेवन स्टार’ होटल जैसी हैं
1880 में पॉल एमिल कर्नल द्वारा स्थापित यह स्कूल अपनी भव्यता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ लगभग 50 देशों के केवल 400 छात्र (280 से 400 के बीच) पढ़ते हैं, ताकि हर बच्चे पर पूरा ध्यान दिया जा सके।
खास सुविधाएँ:
- दो कैंपस: दुनिया का इकलौता स्कूल जो मौसम के साथ (रोले और गस्टाड के बीच) अपना पूरा कैंपस बदल लेता है।
- शाही कॉन्सर्ट हॉल: यहाँ करीब 4 अरब रुपये (£40 million+) की लागत से बना ‘पॉल एंड हेनरी कर्नल हॉल’ है, जो अत्याधुनिक कला केंद्र है।
- स्पोर्ट्स और एक्टिविटी: कैंपस में अपना निजी टेनिस कोर्ट, शूटिंग रेंज, और एक्वेस्ट्रेन सेंटर (घुड़सवारी केंद्र) है जहाँ 30 से ज्यादा घोड़े हैं।
- प्राइवेट यॉट: झील के किनारे स्थित होने के कारण स्कूल के पास अपना निजी नौकायन (Sailing) केंद्र भी है।









