
टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया और भारी-भरकम फॉर्म्स से परेशान रहने वाले करदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने ‘ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026’ पेश किए हैं, जो दशकों पुराने 1956 के नियमों की जगह लेंगे। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाना है, जिससे आम आदमी को सीए (CA) के चक्कर काटने और उलझाऊ कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिल सके। सरकार ने इन नियमों को लागू करने के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की है, जिसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
2026 से टैक्स फाइलिंग में ये 5 बड़े बदलाव होंगे
- स्मार्ट फॉर्म: अब आपको ITR-1 या ITR-2 चुनने की जरूरत नहीं, सिस्टम आपकी इनकम देखकर खुद फॉर्म चुन लेगा।
- ऑटो-फिल डेटा: सैलरी और ब्याज की जानकारी PAN से अपने आप भर जाएगी। आपको टाइप नहीं, बस ‘OK’ करना होगा।
- न्यू रिजीम (Default): अगर आप कुछ नहीं चुनते, तो आप अपने आप न्यू टैक्स रिजीम में माने जाएंगे।
- ₹12 लाख तक राहत: नई रिजीम में ₹12 लाख तक की कमाई पर प्रभावी रूप से कोई टैक्स नहीं लगेगा।
- एक्सप्रेस रिफंड: स्मार्ट प्रोसेसिंग के कारण रिफंड हफ्तों के बजाय 2-7 दिनों में खाते में आ जाएगा।
नए नियम: टैक्स फाइलिंग अब होगी और भी आसान
बजट 2026 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 1 अप्रैल, 2026 से नए आयकर नियम लागू होंगे। इस बदलाव के बाद टैक्स फाइल करना किसी ऐप से खाना ऑर्डर करने जितना आसान हो जाएगा।
नया ‘आयकर अधिनियम 2025’ पुराने जटिल कानूनों की जगह लेगा। इसमें स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे डेटा ऑटोमैटिक सिंक हो जाएगा और टैक्सपेयर्स को मैन्युअल जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे मिडिल क्लास के लिए पूरी प्रक्रिया तेज और सरल हो जाएगी।
ओल्ड वर्सेस न्यू रिजीम
टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा कंफ्यूजन रिजीम के चुनाव को लेकर है। आसान भाषा में समझें तो ओल्ड रिजीम उनके लिए बेहतर है जो होम लोन, LIC और PPF जैसे बड़े निवेश (Deductions) दिखाते हैं। वहीं, न्यू रिजीम उन लोगों के लिए बेस्ट है जो बिना किसी निवेश के सीधे टैक्स में छूट चाहते हैं।
अब सरकार ने न्यू रिजीम को इतना आकर्षक बना दिया है कि ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यदि आप निवेश का झंझट नहीं चाहते और ज्यादा टेक-होम सैलरी पसंद करते हैं, तो 2026 के नियमों के हिसाब से न्यू रिजीम ही सबसे सरल और फायदेमंद विकल्प है।
होम लोन और निवेश वालों के लिए ओल्ड रिजीम बेस्ट
अगर आपने बड़ा होम लोन लिया है, बच्चों की स्कूल फीस भरते हैं और LIC/PPF जैसे निवेश करते हैं, तो आपके लिए पुरानी रिजीम (Old Regime) ही बेहतर विकल्प है। इसमें आपको सेक्शन 80C से लेकर 80U तक की सभी डिडक्शन का फायदा मिलता है, जो आपकी टैक्स देनदारी को काफी कम कर देता है।
बिना निवेश और कागजी झंझट वालों के लिए
अगर आप निवेश के कागजों को संभालने के झंझट से बचना चाहते हैं और सीधे कम टैक्स रेट का फायदा उठाकर अपनी इन-हैंड सैलरी बढ़ाना चाहते हैं, तो नई रिजीम (New Regime) आपके लिए बेहतरीन है। खास तौर पर यदि आपने कोई बड़ा होम लोन या निवेश नहीं किया है, तो नई रिजीम में आप ₹12.75 लाख तक की सैलरी (स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ) पर Zero Tax का लाभ उठा सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए सबसे आसान है जो सरल और पारदर्शी टैक्स सिस्टम पसंद करते हैं।







