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Railway New Update: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे ने बंद कर दिया ये पुराना नियम, जानें

ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी खबर! रेलवे ने सालों से चले आ रहे एक पुराने नियम को खत्म कर अब नई व्यवस्था लागू कर दी है। क्या इससे आपकी यात्रा आसान होगी या जेब पर पड़ेगा बोझ? इस बदलाव से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

By Pinki Negi

Railway New Update: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे ने बंद कर दिया ये पुराना नियम, जानें
Railway New Update

रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की शिकायतों को दूर करते हुए बेडरोल (चादर और कंबल) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब यात्रियों को इस्तेमाल किए हुए बेडरोल दोबारा नहीं दिए जाएंगे, बल्कि ट्रेन के शुरुआती और आखिरी, दोनों स्टेशनों पर नया और साफ लिनेन लोड किया जाएगा। पहले यात्रियों को अक्सर गंदे या पुराने इस्तेमाल किए हुए बेडरोल की समस्या का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस नई व्यवस्था से वापसी की यात्रा में भी यात्रियों को ताजी धुली और खुशबूदार चादरें मिलेंगी। रेलवे के इस कदम से यात्रियों का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा स्वच्छ और आरामदायक होगा।

अब 42 ट्रेनों में मिलेगी ‘फ्रेश बेडरोल’ की सुविधा

रेलवे ने यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए अपनी नई बेडरोल नीति को पहले चरण में 42 प्रमुख ट्रेनों में लागू कर दिया है। इस लिस्ट में पूर्वोत्तर रेलवे की 10 बड़ी ट्रेनें शामिल हैं, जिनमें लखनऊ-चंडीगढ़, जयनगर-नई दिल्ली और आसनसोल-गोंडा जैसे व्यस्त रूटों के यात्री अब ताजी और स्वच्छ चादरों का आनंद ले सकेंगे। रेलवे का यह कदम न केवल यात्रियों की पुरानी शिकायतों को दूर करेगा, बल्कि सफर के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य (Hygiene) के मानकों को भी नया आयाम देगा। इस व्यवस्था के लागू होने से अब लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को घर जैसी ताजगी और आराम महसूस होगा।

अधर में चारबाग स्टेशन का कायाकल्प

लखनऊ का ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन अपनी भव्यता खोने की कगार पर है। इसे विश्वस्तरीय बनाने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बजट की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण अटक गया है। विडंबना यह है कि गोमतीनगर स्टेशन का पुनर्विकास काम बाद में शुरू होने के बावजूद लगभग पूरा होने वाला है, जबकि चारबाग अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। हालांकि, सेकंड एंट्री की बहुमंजिला इमारत तैयार है, लेकिन मुख्य स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा से जुड़े बड़े काम अधूरे पड़े हैं, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

नींव खुदी पर छत का इंतजार, सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री

चारबाग स्टेशन को लखनऊ जंक्शन से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी ‘एयर कॉन्कोर्स’ का काम अधर में लटक गया है। हालांकि नींव की खुदाई का काम पूरा हो चुका है, लेकिन छत डालने की प्रक्रिया रुकने से पूरा प्रोजेक्ट सुस्त पड़ गया है। इस विशाल कॉन्कोर्स में यात्रियों के लिए टिकटिंग, एसी लाउंज और वेटिंग रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलनी थीं, जो अब ठप पड़ी हैं। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाली लिफ्ट और एस्केलेटर का काम भी अधूरा है। जब तक ये काम पूरे नहीं होते, तब तक लखनऊ के यात्रियों का ‘विश्वस्तरीय स्टेशन’ का सपना अधूरा ही रहेगा।

500 करोड़ की दूसरी किस्त का इंतजार, कई बड़े रेल प्रोजेक्ट्स भी अटके

लखनऊ के चारबाग स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट को फंड की कमी ने जकड़ लिया है। पहले चरण के 500 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद अब काम दूसरी किस्त के इंतजार में ठप पड़ा है। सिर्फ स्टेशन ही नहीं, बल्कि चारबाग से दिलकुशा तक फोरलेन ट्रैक और कटाई वाले पुल का काम भी अधूरा है। दूसरी ओर, कानपुर रूट पर गंगा पुल की मरम्मत का दूसरा चरण माघ मेले के कारण टाल दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं और 50 से अधिक ट्रेनों के संचालन में बाधा न आए। नई लाइनें बिछाने और बैरिकेडिंग जैसे काम रुकने से यात्रियों को आधुनिक रेल सुविधाओं के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा।

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Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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