
उत्तर प्रदेश के लाखों किसान परिवार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना की अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से आई एक बड़ी खबर ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में करीब 19 लाख से ज्यादा किसानों की किस्तें अटक गई हैं। इसका मुख्य कारण अधूरे अपडेट्स, ई-केवाईसी की कमी और भूमि विवरण में गड़बड़ी बताई जा रही है।
यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो नाम लिस्ट से कटने का खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या तकनीकी और दस्तावेजी है, जिसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
योजना का संक्षिप्त परिचय
पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जो छोटे और सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता प्रदान करती है। यह राशि तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में हर चार महीने में सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। योजना 2019 से चल रही है और उत्तर प्रदेश में करोड़ों किसान इसके लाभार्थी हैं। हालिया 21वीं किस्त के समय लाभार्थियों की संख्या 2.34 करोड़ से घटकर 2.15 करोड़ रह गई, यानी लगभग 19 लाख का अंतर।
किस्तें क्यों अटकीं? तीन प्रमुख कारण
यूपी कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किस्तें रुकने के पीछे तीन मुख्य वजहें हैं। पहली, अधूरी विरासत विवरण: पंजीकरण के समय पूर्व भू-धारक का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया। इससे प्रभावित 13,61,760 किसान हैं। दूसरी, डबल बेनिफिट: एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों लाभ ले रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे 2,49,434 मामले हैं।
तीसरी, अन्य स्रोत से जमीन: 1 फरवरी 2019 के बाद विरासत के अलावा अन्य तरीके से जमीन प्राप्त करने वाले 2,92,911 किसान। इसके अलावा, आधार-बैंक लिंकिंग न होना, ई-केवाईसी अधूरा और भू-सत्यापन लंबित होना भी बड़ी बाधाएं हैं। विभाग के अनुसार, कुल 19,04,105 किसान परिवार प्रभावित हैं।
तुरंत करें स्टेटस चेक और सुधार
किसानों को घबराने की जरूरत नहीं। स्टेटस चेक करने और समस्या हल करने के आसान तरीके उपलब्ध हैं। सबसे पहले, आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ‘Know Your Status’ लिंक पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल या आधार डालें, कैप्चा कोड भरें और ‘Get Data’ दबाएं। स्क्रीन पर साफ दिखेगा कि किस्त क्यों अटकी है- चाहे ई-केवाईसी हो या भूमि विवरण।
यदि समस्या है, तो ‘Update Missing Information’ सेक्शन में जाकर विवरण अपडेट करें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, बैंक पासबुक, जमाबंदी कॉपी अपलोड करें। वैकल्पिक रूप से, नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) पर जाकर सहायता लें। ई-केवाईसी के लिए OTP या बायोमेट्रिक विधि अपनाएं। सुधार के बाद टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर कॉल करें या जिला उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क करें। यूपी सरकार ने अपील की है कि किसान स्वयं या CSC के माध्यम से अपडेट कराएं, ताकि रोकी गई किस्तें केंद्र सरकार द्वारा जारी हो सकें।
सरकार की अपील और भविष्य की उम्मीद
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रभावित किसान परिवारों से सीधे अपील की है: “अपनी जानकारी तुरंत अपडेट करें।” यह रोक अस्थायी है और सुधार पर अगली किस्त स्वतः मिल जाएगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में जारी होने वाली 22वीं या 23वीं किस्त से पहले लाखों किसान फिर लाभान्वित हो सकते हैं। हालांकि, देरी से बचने के लिए फरवरी के अंत तक कार्रवाई जरूरी है।
यह मुद्दा न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि योजना की पारदर्शिता पर भी सवाल उठा रहा है। सरकार को चाहिए कि जागरूकता अभियान तेज करे और CSC केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए। किसान भाइयों, देर न करें- आज ही चेक करें और अपनी किस्त पक्की करें!









