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Google Privacy: क्या गूगल चोरी-छिपे सुन रहा है आपकी बातें? फौरन बदलें ये सेटिंग्स और डिलीट करें रिकॉर्डिंग

क्या गूगल चुपके से सुन रहा है? डिजिटल प्राइवेसी के दौर में ये सवाल गरमाया- गूगल असिस्टेंट डिफॉल्ट सेटिंग्स से आपकी वॉइस रिकॉर्डिंग्स सेव करता है। myactivity.google.com पर चेक करें, "Voice Activity" फिल्टर से हजारों क्लिप्स डिलीट करें। Activity Controls में "Voice & Audio" ऑफ करें। प्राइवेसी लॉक करें, आज ही!

By Pinki Negi

google voice activity

डिजिटल प्राइवेसी के इस दौर में सवाल उठना लाजमी है- क्या गूगल असिस्टेंट हमेशा माइक चालू रखे आपकी निजी बातें रिकॉर्ड करता रहता है? हालिया कानूनी विवादों और प्राइवेसी कंसर्न के बाद ये बहस गरमा गई है। अमेरिका में गूगल पर यूजर्स की वॉइस डेटा बिना सहमति के इस्तेमाल का आरोप लगा, जबकि भारत में लाखों स्मार्टफोन यूजर्स अनजाने में अपनी आवाज का खजाना गूगल के सर्वर पर जमा होते देख रहे हैं।

दरअसल, गूगल का ‘वॉइस एंड ऑडियो एक्टिविटी’ फीचर अकाउंट सेटअप के दौरान डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है। “ओके गूगल” या “हे गूगल” जैसे होटवर्ड्स पर असिस्टेंट एक्टिव होता है और कमांड को बेहतर बनाने के लिए छोटे ऑडियो क्लिप्स सेव करता है। लेकिन सच्चाई ये है कि ये लोकल प्रोसेसिंग से होता है- माइक हमेशा सर्वर पर नहीं भेजता। फिर भी, सालों का डेटा जमा हो जाता है, जिसमें हजारों रिकॉर्डिंग्स हो सकती हैं। स्मार्टफोन से लेकर एंड्रॉयड ऑटो और गूगल टीवी तक हर डिवाइस ये चुपचाप इकट्ठा करता है।

रिकॉर्डिंग्स का क्या होता है इस्तेमाल?

गूगल दावा करता है कि ये डेटा स्पीच रिकग्निशन सुधारने और सर्विस बेहतर बनाने के लिए है। कुछ मामलों में मानव रिव्यूअर्स इसे सुनते हैं, लेकिन कंपनी कहती है कि ये आपकी परमिशन से होता है। प्राइवेसी एक्सपर्ट्स चेताते हैं- ये डेटा विज्ञापनों के लिए नहीं, लेकिन सर्च हिस्ट्री और लोकेशन से मिलकर टारगेटेड ऐड्स बनाता है।

अगर अकाउंट हैक हो जाए, तो निजी बातें खतरे में पड़ सकती हैं। रेडिट पर यूजर्स के लाइव टेस्ट्स ने मिथक फैलाया कि गूगल हमेशा सुनता है, लेकिन फैक्ट चेक से साफ है कि विज्ञापन सर्च या ऐप डेटा से आते हैं, न कि चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग से।

अपनी वॉइस हिस्ट्री कैसे चेक और डिलीट करें?

चिंतित हैं? तुरंत चेक करें! myactivity.google.com पर लॉगिन करें। सर्च बार में “Voice & Audio Activity” टाइप करें या “Filter by date & product” से “Assistant” चुनें। माइक्रोफोन आइकन वाली हर एंट्री पर “Details” क्लिक करें- “View Recording” से सुनें। “Delete all” से सब मिटाएं- “All time” चुनकर पक्का करें। ऑटो-डिलीट सेट करें: “Delete Activity by” में 3, 18 या 36 महीने चुनें। ये फ्री है और स्थायी रूप से डेटा हटा देता है।

जरूरी सेटिंग्स बदलें

प्राइवेसी कंट्रोल्स में जाएं: myaccount.google.com/activitycontrols > “Web & App Activity” में “Include voice and audio activity” अनचेक करें। गूगल ऐप सेटिंग्स > Assistant > “Hey Google & Voice Match” ऑफ करें। फोन सेटिंग्स > Apps > Google > Permissions > Microphone मैनेज करें। एंड्रॉयड पर Google Assistant पूरी तरह डिसेबल करने के लिए “Assistant” ऐप डिलीट या डिसेबल करें।

क्या डिलीट करें या रखें?

रिकॉर्डिंग्स रखने का फायदा कम, रिस्क ज्यादा। प्राइवेसी एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं- डिलीट करें, खासकर अगर आप कंटेंट क्रिएटर हैं और निजी बातें रिकॉर्ड होती हैं। 2026 में डिजिटल इंडिया के दौर में ये स्टेप्स जरूरी हैं। गूगल की पॉलिसी साफ है: डेटा आपका, कंट्रोल आपका। आज ही चेक करें- आप चौंक सकते हैं!

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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