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RBI MPC 2026: रेपो रेट 5.25% पर स्थिर! आपकी EMI में फिलहाल राहत नहीं, लेकिन महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI का मास्टर प्लान

क्या आपकी होम लोन EMI कम होगी? RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखते हुए बड़ा दांव खेला है। जानिए पिछले 125 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद गवर्नर ने अब 'ब्रेक' क्यों लगाया और क्या है महंगाई को मात देने वाला उनका मास्टर प्लान। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

By Pinki Negi

RBI MPC 2026: रेपो रेट 5.25% पर स्थिर! आपकी EMI में फिलहाल राहत नहीं, लेकिन महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI का मास्टर प्लान।
RBI MPC 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आज 6 फरवरी को अपनी महत्वपूर्ण बैठक में रेपो रेट पर बड़ा फैसला ले सकता है। बाजार में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या बैंक एक बार फिर ब्याज दरें घटाकर आम आदमी को राहत देगा या पिछले एक साल में की गई भारी कटौती के बाद अब इस पर रोक लगाएगा। यह फैसला ऐसे समय आ रहा है जब नए बजट में विकास पर जोर दिया गया है और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों में सुधार से विदेशी निवेश की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, पिछले एक साल में चार बार (कुल 1.25%) रेट कट होने के कारण जानकारों का मानना है कि अब आगे और कटौती की संभावना थोड़ी कम है।

क्या अब ब्याज दरों की कटौती पर लगेगा ब्रेक?

RBI की इस बैठक में मुख्य चुनौती ब्याज दरें घटाने से ज्यादा बाजार में नकदी (लिक्विडिटी) और बॉन्ड मार्केट को स्थिर रखने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के बड़े उधारी लक्ष्य और महंगाई के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए अब और रेट कट की गुंजाइश कम नजर आती है।

हालांकि, अमेरिका के साथ हुए नए ट्रेड समझौतों और बढ़ते विदेशी निवेश से भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये को मजबूती मिली है, लेकिन महंगाई में संभावित उछाल RBI को सतर्क रहने पर मजबूर कर सकता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक का पूरा ध्यान इस बात पर रहेगा कि बिना ब्याज दरें छेड़े सिस्टम में पैसों का बहाव कैसे संतुलित रखा जाए।

ब्याज दरों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं, स्थिरता पर रहेगा जोर

प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्था Wells Fargo सहित अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस बार रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है। पिछले एक साल में दरों में कुल 1.25% की बड़ी कटौती के बाद, अब केंद्रीय बैंक का ध्यान ब्याज दरें घटाने के बजाय बाजार में नकदी के प्रबंधन (Liquidity Management) और रुपये की स्थिरता पर रहेगा।

सरकार के बड़े उधारी कार्यक्रम और महंगाई के संकेतों को देखते हुए, RBI फिलहाल “इंतज़ार करो और देखो” की नीति अपना सकता है। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन या कार लोन की EMI में और कमी आने की संभावना कम है, लेकिन वित्तीय बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।

Author
Pinki Negi
GyanOK में पिंकी नेगी बतौर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता में उन्हें 7 वर्षों से भी ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2018 में NVSHQ से की थी, जहाँ उन्होंने शुरुआत में एजुकेशन डेस्क संभाला। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए अनुभव लेने के बाद अमर उजाला में अपनी सेवाएं दी। बाद में, वे नेशनल ब्यूरो से जुड़ गईं और संसद से लेकर राजनीति और डिफेंस जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की। पिंकी नेगी ने साल 2024 में GyanOK जॉइन किया और तब से GyanOK टीम का हिस्सा हैं।

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