
अपना घर खरीदना अब केवल एक सपना नहीं, बल्कि हकीकत बनने के बेहद करीब है। साल 2026 की शुरुआत भारतीय घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने के फैसले के बाद, सरकारी बैंकों के बीच ‘लोन वॉर’ छिड़ गया है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया जैसे दिग्गज अब तक की सबसे कम दरों पर होम लोन ऑफर कर रहे हैं।
सस्ते होम लोन के मामले में ये बैंक हैं सबसे आगे
वर्तमान बाजार आंकड़ों के अनुसार, यदि आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) 750 से अधिक है, तो आप इन दरों का लाभ उठा सकते हैं:
| बैंक का नाम | शुरुआती ब्याज दर (सालाना) | विशेष सुविधा |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 7.10% | महिलाओं और रक्षा कर्मियों को 0.05% की एक्स्ट्रा छूट |
| बैंक ऑफ इंडिया | 7.10% | ₹5 करोड़ तक का बड़ा लोन अमाउंट |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 7.10% – 7.35% | 30 साल की लंबी अवधि और 90% तक कवरेज |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 7.15% – 7.35% | PMAY सब्सिडी और जीरो प्री-पेमेंट चार्ज |
30 साल की अवधि और 90% फाइनेंस का फायदा
सरकारी बैंकों ने अपनी शर्तों को काफी लचीला बना दिया है। सेंट्रल बैंक और यूनियन बैंक अब प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 90% तक फाइनेंस कर रहे हैं।
- लंबी अवधि: 30 साल तक की अवधि मिलने से आपकी मासिक ईएमआई (EMI) का बोझ कम हो जाता है।
- प्रोसेसिंग फीस: बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कुछ अन्य बैंक ‘जीरो प्रोसेसिंग फीस’ के ऑफर भी दे रहे हैं, जिससे लोन लेते समय लगने वाला शुरुआती खर्च बच जाता है।
महिलाओं और सैनिकों के लिए विशेष ‘कन्सेशन’
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई बैंक महिला आवेदकों को 0.05% तक की अतिरिक्त ब्याज छूट दे रहे हैं। सुनने में यह छोटा लग सकता है, लेकिन 20-30 साल के लोन पर यह लाखों रुपये की बचत कराता है।
क्यों है यह लोन लेने का सही समय?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 में आरबीआई ने रेपो रेट में कुल 1.25% (125 bps) की कटौती की थी, जिसका पूरा फायदा अब बैंकों की नई दरों में दिख रहा है। चूंकि आरबीआई ने फिलहाल दरों को स्थिर रखा है, इसलिए घर खरीदारों के पास इन सस्ती दरों को ‘लॉक’ करने का यह सुनहरा अवसर है।









