
वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) ने साल 2026 की ‘जिम्मेदार देशों की सूची’ जारी कर दी है। 19 जनवरी को प्रकाशित इस रिपोर्ट में सिंगापुर को दुनिया का सबसे जिम्मेदार देश चुना गया है, जिसने शासन और पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस सूची में स्विट्जरलैंड दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर रहा। इस रैंकिंग की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी देश की अमीरी या सैन्य ताकत को नहीं, बल्कि उसके ईमानदार प्रशासन, सामाजिक सुरक्षा और दुनिया के प्रति उसके कर्तव्य निभाने के आधार पर रेटिंग दी गई है।
अमेरिका और चीन को मिली कम रेटिंग, जानें रैंकिंग का आधार
वर्ष 2026 के इस इंडेक्स में दुनिया के 154 देशों को चार बड़े पैमानों पर परखा गया: साफ-सुथरा शासन, समाज का कल्याण, पर्यावरण की सुरक्षा और वैश्विक जिम्मेदारी। रिपोर्ट के चौंकाने वाले नतीजों से पता चलता है कि बड़ी आर्थिक और सैन्य ताकत होने के बावजूद अमेरिका 66वें और चीन 68वें स्थान पर सिमट गए हैं। वहीं, पाकिस्तान को 90वां स्थान मिला है। इन आंकड़ों से साफ है कि केवल पैसा या पावर होना किसी देश को ‘जिम्मेदार’ नहीं बनाता, बल्कि असली पहचान लोगों और प्रकृति के प्रति उसके कर्तव्यों से होती है।
यूरोपीय देशों का दबदबा, सीरिया और यमन सूची में सबसे नीचे
इस रिपोर्ट से पता चलता है कि शासन और सामाजिक सुरक्षा के मामले में यूरोपीय देश दुनिया में सबसे आगे हैं, जिसके कारण वे रैंकिंग में ऊपरी पायदान पर बने हुए हैं। दूसरी ओर, युद्ध और आपसी संकट से जूझ रहे देशों की स्थिति बेहद खराब है। सीरिया 153वें और यमन 151वें स्थान पर रहे, जो इस सूची में सबसे निचले स्तर को दर्शाते हैं। यह साफ है कि जहाँ शांति और स्थिरता की कमी है, वहां देशों के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जिम्मेदार देशों में भारत की ऊंची छलांग
साल 2026 की ‘जिम्मेदार देशों की सूची’ में भारत ने 16वां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत वैश्विक स्थिति दर्ज कराई है। 0.5515 के स्कोर के साथ भारत की तारीफ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सामाजिक समानता और पर्यावरण संरक्षण की नीतियों के लिए की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने आम जनता को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाओं में शानदार काम किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि लंबे समय तक इस सफलता को बनाए रखने के लिए भारत को संतुलित विकास और अपनी नीतियों पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है। यह रैंकिंग साबित करती है कि भारत केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में भी उभर रहा है।









