
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 ने भारत के भविष्य यानी ‘युवा शक्ति’ और ‘प्रशासनिक दक्षता’ पर बड़ा दांव खेला है। शिक्षा मंत्रालय को मिले ₹1.39 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आवंटन और सरकारी भर्ती एजेंसी SSC के बजट में वृद्धि ने साफ कर दिया है कि सरकार का ध्यान अब केवल डिग्री देने पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता और रोजगार पर है।
स्कूली शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल ₹1,39,289.48 करोड़ की राशि निर्धारित की है।
- स्कूली शिक्षा (School Education): कुल बजट का बड़ा हिस्सा यानी ₹83,562.26 करोड़ स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को मिला है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी को दूर करना है।
- उच्च शिक्षा (Higher Education): उच्च शिक्षा विभाग को ₹55,727.22 करोड़ दिए गए हैं, जिससे शोध (Research) और नई यूनिवर्सिटीज के निर्माण को गति मिलेगी।
SSC और सरकारी भर्तियां
लाखों युवाओं के लिए राहत की खबर यह है कि कर्मचारी चयन आयोग (SSC) को ₹525.2 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- क्यों है महत्वपूर्ण: पिछले साल के संशोधित बजट की तुलना में यह एक रणनीतिक वृद्धि है। इसका सीधा असर परीक्षाओं के आयोजन की गति, रिजल्ट में सुधार और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर पड़ेगा।
सरकारी कर्मचारियों की ‘ग्लोबल ट्रेनिंग’
सिविल सेवा को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढालने के लिए ‘मिशन कर्मयोगी’ योजना को ₹126 करोड़ का बूस्ट मिला है।
- आधुनिक ट्रेनिंग: इसके तहत सचिवालय प्रशिक्षण संस्थान (ISTM) और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अकादमी (LBSNAA) को हाई-टेक बनाया जाएगा।
- विदेशी प्रशिक्षण: फंड का एक हिस्सा अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक बुनियादी ढांचे और नई गवर्नेंस तकनीकों को सीखने के लिए विदेशी प्रशिक्षण में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकारी दफ्तरों का ‘डिजिटल कायाकल्प’
प्रशासनिक सुधारों के लिए आवंटित ₹65 करोड़ से सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण (Modernization) की योजना है। इसमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ जन शिकायतों के निपटारे के लिए एक ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ विकसित किया जाएगा।
शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूली शिक्षा के लिए ₹83 हजार करोड़ से अधिक का आवंटन नई शिक्षा नीति (NEP) को धरातल पर उतारने में मदद करेगा। वहीं, SSC के लिए फंड बढ़ने से भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर में नियमितता आएगी, जिससे सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे छात्रों का इंतजार कम होगा।









