
ट्रेन का सफर करते समय कई बार ऐसी परिस्थितियाँ बन जाती हैं जब हमें जल्दबाजी में या किसी आपात स्थिति के कारण बिना टिकट के ट्रेन में चढ़ना पड़ता है। ऐसे समय में अधिकांश यात्री घबरा जाते हैं, लेकिन कानून और रेलवे के नियमों की सही जानकारी आपको भारी जुर्माने और कानूनी पचड़ों से बचा सकती है।
घबराएं नहीं, खुद जाकर TTE से मिलें
अगर आप बिना टिकट ट्रेन में चढ़ गए हैं, तो सबसे बड़ी गलती जो यात्री करते हैं, वह है बाथरूम में छिपना या चेकिंग स्टाफ (TTE) से भागना। रेलवे नियमों के अनुसार, यदि आप स्वयं जाकर TTE को सूचित करते हैं कि आप बिना टिकट हैं और अपनी समस्या बताते हैं, तो आपको ‘भगोड़ा’ या ‘धोखाधड़ी करने वाला’ नहीं माना जाता। यह आपकी ईमानदारी को दर्शाता है और अधिकारी आपकी मदद कर सकते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म टिकट (Platform Ticket) की अहमियत
यदि आपके पास यात्रा टिकट नहीं है, लेकिन आपके पास प्लेटफ़ॉर्म टिकट है, तो यह आपके लिए बहुत बड़ा कवच साबित हो सकता है।
- कैसे मदद मिलेगी: प्लेटफ़ॉर्म टिकट यह साबित करता है कि आपने उसी स्टेशन से यात्रा शुरू की है।
- नियम: रेलवे अधिकारी आपको उसी स्टेशन से गंतव्य तक का टिकट बना कर दे सकते हैं। इससे आप पर पिछले स्टेशनों का अवैध किराया नहीं थोपा जाएगा।
‘गार्ड सर्टिफिकेट’ का विकल्प
कम ही लोग जानते हैं कि अगर समय नहीं है और काउंटर पर लंबी लाइन है, तो आप ट्रेन के गार्ड (Guard) से संपर्क करके एक ‘परमिशन नोट’ या गार्ड सर्टिफिकेट ले सकते हैं। इसे दिखाकर आप ट्रेन में चढ़ सकते हैं और बाद में TTE से अपना रेगुलर टिकट बनवा सकते हैं।
कितना जुर्माना और शुल्क देना होगा?
बिना टिकट पकड़े जाने पर रेलवे आपसे दो चीज़ें वसूलता है:
- यात्रा का किराया: आपके बोर्डिंग स्टेशन (जहाँ से आप चढ़े) से गंतव्य तक का किराया।
- जुर्माना (Penalty): आमतौर पर ₹250 का जुर्माना या किराए का समान मूल्य (जो भी अधिक हो) लिया जाता है।
नोट: रसीद कटने के बाद आपकी आगे की यात्रा वैध मानी जाती है और आपको ट्रेन से उतारा नहीं जा सकता।
आपके विशेष अधिकार
- सम्मानजनक व्यवहार: बिना टिकट होने पर भी TTE आपके साथ दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं कर सकता। उनका काम केवल जुर्माना वसूलना और चालान काटना है।
- सीट की उपलब्धता: यदि ट्रेन में कोई सीट खाली है, तो TTE जुर्माना और किराया लेकर आपको वह सीट अलॉट कर सकता है।
इन बातों का रखें खास ख्याल
- हमेशा रसीद मांगें: जुर्माने की राशि देने के बाद रेलवे की आधिकारिक रसीद (EFT) जरूर लें। बिना रसीद के पैसा देना गैर-कानूनी है।
- डिजिटल पेमेंट: आजकल अधिकांश TTE के पास हैंडहेल्ड मशीनें होती हैं, आप यूपीआई (UPI) या कार्ड से भी भुगतान कर सकते हैं।









