
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों के लिए अगले 7 दिनों का गंभीर मौसम अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ सकती है, जबकि निचले इलाकों में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
- पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी: चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से नीचे जा सकता है।
- मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि: देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की संभावना है।
- शीतलहर का प्रकोप: लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ेगी और शीत लहर (Cold Wave) चलने के आसार हैं।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश
मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
- यात्रा से बचें: चारधाम रूट और ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों जैसे धनोल्टी, औली और मुनस्यारी जाने वाले पर्यटक मौसम अपडेट देखकर ही घर से निकलें। बर्फबारी के कारण सड़कें बंद होने की संभावना है।
- भूस्खलन का खतरा: भारी बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए रात के समय यात्रा करने से बचें।
- प्रशासन की तैयारी: जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और SDRF की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।
खेती-किसानी पर असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि से बागवानी (सेब और आड़ू के बागों) को नुकसान पहुँचने की चिंता भी जताई गई है।









