
करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर आई है। पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने सरकार से मांग की है कि सैलरी तय करने वाले ‘फिटमेंट फैक्टर’ को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 किया जाए और हर साल होने वाली वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को भी 3% से बढ़ाकर 5% किया जाए। अगर सरकार इन मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो निचले और मध्यम स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी।
8th Pay Commission कैलकुलेशन
अगर 8वें वेतन आयोग के तहत 3.25 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। वर्तमान में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जो इस फॉर्मूले के बाद सीधे ₹58,500 हो जाएगी। इसी अनुपात में लेवल-1 (चपरासी) से लेकर लेवल-18 (IAS/कैबिनेट सचिव) तक की सैलरी में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी।
लेवल के हिसाब से फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव
| लेवल 1 से 5 (ग्रुप C/D) | फिटमेंट फैक्टर 3.00 |
| लेवल 6 से 12 | 3.05 से 3.10 |
| लेवल 13 से 15 | 3.05 से 3.15 |
| लेवल 16 और ऊपर | 3.20 से 3.25 |
आठवें वेतन आयोग के लिए प्रस्तावित सैलरी
| ग्रेड और कैटेगिरी | वर्तमान बेसिक पे | प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर | अनुमानित बेसिक पे |
| Level 1 (Entry Level Group C) | 18,000 | 3 | 54000 |
| Level 2 | 19,900 | 3 | 59700 |
| Level 3 | 21,700 | 3 | 65100 |
| Level 4 | 25,500 | 3 | 76500 |
| Level 5 | 29,200 | 3 | 87600 |
| Level 6 (Group B Entry) | 35,400 | 3.05 | 107970 |
| Level 7 | 44,900 | 3.05 | 136945 |
| Level 8 | 47,600 | 3.05 | 145180 |
| Level 9 | 53,100 | 3.05 | 161955 |
| Level 10 (Group A Entry) | 56,100 | 3.1 | 173910 |
| Level 11 | 67,700 | 3.1 | 209870 |
| Level 12 | 78,800 | 3.1 | 244280 |
| Level 13 | 118,500 | 3.05 | 361425 |
| Level 13-A | 131,100 | 3.05 | 399855 |
| Level 14 | 144,200 | 3.15 | 454230 |
| Level 15 (HAG) | 182,200 | 3.15 | 573930 |
| Level 16 (HAG +) | 205,400 | 3.2 | 657280 |
| Level 17 (Apex Scale) | 225,000 | 3.25 | 731250 |
| Level 18 (Cabinet Sacretary) | 250,000 | 3.25 | 812500 |
रंजना प्रकाश देसाई को भेजी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर अब हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों के प्रमुख संगठन FNPO ने अपनी महत्वपूर्ण सिफारिशें ‘नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी’ (NC-JCM) को सौंप दी हैं। महासचिव शिवाजी वासिरेड्डी के अनुसार, इन सुझावों को आधिकारिक ड्राफ्ट में शामिल किया जा रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण तारीख 25 फरवरी 2026 है, जब NC-JCM की एक बड़ी बैठक होगी। इस बैठक में चर्चा के बाद अंतिम रिपोर्ट वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई को भेजी जाएगी, जो तय करेंगी कि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होनी चाहिए।
एक्रॉयड फॉर्मूला और मल्टी-लेवल फिटमेंट
FNPO का मानना है कि पिछले वेतन आयोगों में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के साथ समान न्याय नहीं हुआ, इसलिए इस बार उन्होंने ‘मल्टी-लेवल फिटमेंट फैक्टर’ की मांग उठाई है। इस नई सैलरी की गणना प्रसिद्ध ‘एक्रॉयड फॉर्मूला’ (Akroyd Formula) पर आधारित है। यह फॉर्मूला किसी भी कर्मचारी के वेतन को उसकी बुनियादी जरूरतों के आधार पर तय करता है, जिसमें एक 4 सदस्यों वाले परिवार के लिए 2700 कैलोरी भोजन, कपड़ा, मकान का किराया और बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी खर्चों को शामिल किया गया है। इस वैज्ञानिक तरीके से वेतन तय होने पर महंगाई के दौर में कर्मचारियों को सही मायने में राहत मिल सकेगी।
सैलरी में 5% सालाना बढ़ोतरी की मांग
FNPO ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान में मिलने वाले 3% सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5% किया जाए। संगठन का तर्क है कि 5% की बढ़ोतरी से कर्मचारियों को अपनी सैलरी में वास्तविक और बड़ी ग्रोथ महसूस होगी। यह कदम उन ग्रुप C और D कर्मचारियों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा जिनके पास प्रमोशन के मौके बहुत कम होते हैं।
इससे न केवल कर्मचारियों की नाराजगी दूर होगी, बल्कि सरकारी सैलरी का ढांचा भी प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों के बराबर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। इसके साथ ही, FNPO ने 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स सिस्टम को भी बरकरार रखने की अपील की है, क्योंकि यह सिस्टम सैलरी तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है और भविष्य में होने वाले किसी भी विवाद की संभावना को कम करता है।









