
भारत में सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नियम अब पहले से कहीं अधिक सख्त हो गए हैं। अक्सर लोग हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) तो साथ रखते हैं, लेकिन मात्र ₹60 से ₹100 के बीच बनने वाले Pollution Certificate (PUC) को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर ₹10,000 का भारी बोझ डाल सकती है।
₹100 का यह छोटा कागज बचाएगा ₹10,000 का बड़ा जुर्माना
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) उतना ही अनिवार्य है जितना कि गाड़ी का बीमा। यदि आपकी गाड़ी सड़क पर चल रही है और उसका प्रदूषण सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, तो ट्रैफिक पुलिस आपका भारी-भरकम चालान काट सकती है।
₹10,000 का भारी जुर्माना (Section 190(2))
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत, यदि आपके पास वैध PUC नहीं है, तो पहली बार पकड़े जाने पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि इस स्थिति में आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या गाड़ी की RC भी आपको चालान से नहीं बचा पाएगी। बार-बार नियम तोड़ने पर जुर्माना बढ़ने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।
डीएल (DL) हो सकता है सस्पेंड
नए नियमों के मुताबिक, प्रदूषण नियम का उल्लंघन करने पर अधिकारी न केवल चालान काट सकते हैं, बल्कि आपका ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड भी कर सकते हैं। यानी मात्र ₹100 बचाने के चक्कर में आप 3 महीने तक गाड़ी चलाने का हक खो सकते हैं।
पेट्रोल पंप पर रोक और अन्य सख्ती
कई राज्यों में ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ (No PUC, No Fuel) जैसे नियम भी लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत बिना वैध सर्टिफिकेट के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। साथ ही, अब बीमा कंपनियां भी बिना वैध PUC के गाड़ी के इंश्योरेंस क्लेम को खारिज कर सकती हैं।
ऑनलाइन चेक होता है स्टेटस
अब ट्रैफिक पुलिस को आपकी गाड़ी रोकने की भी जरूरत नहीं है। सड़क पर लगे स्मार्ट कैमरों और परिवहन विभाग के डेटाबेस के जरिए आपके वाहन नंबर से यह पता चल जाता है कि आपके पास वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट है या नहीं। एक्सपायर होने पर चालान सीधे आपके मोबाइल पर डिजिटल ई-चालान के रूप में पहुँच जाता है।
PUC सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं और इसकी वैधता?
- प्रक्रिया: आप किसी भी अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र (जो अक्सर पेट्रोल पंपों पर होते हैं) पर जाकर अपनी गाड़ी के धुएं की जांच करवा सकते हैं।
- वैधता: नई गाड़ियों के लिए 1 साल तक सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती। उसके बाद, आमतौर पर हर 6 महीने या 1 साल (BS-IV और BS-VI वाहनों के लिए) में इसे रिन्यू कराना होता है।
- फीस: दोपहिया वाहनों के लिए यह करीब ₹60-₹80 और चार पहिया वाहनों के लिए ₹100-₹120 के आसपास होता है।









