
ज़मीन की खरीद-बचत हो या पारिवारिक बंटवारा, अक्सर हमें यह जानने की ज़रूरत होती है कि असल में ज़मीन का मालिक कौन है। भारत सरकार के Digital India Land Records Modernization Programme (DILRMP) के तहत लगभग सभी राज्यों ने अपनी भूमि के रिकॉर्ड को ऑनलाइन कर दिया है। अब आप “भूलेख” पोर्टल के जरिए किसी भी व्यक्ति के नाम से उसकी ज़मीन का ब्यौरा निकाल सकते हैं।
ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड से आपको क्या-क्या जानकारी मिलेगी?
जब आप ऑनलाइन पोर्टल पर नाम सर्च करते हैं, तो आपके सामने ज़मीन की पूरी ‘कुंडली’ खुल जाती है, जिसमें शामिल हैं:
- मालिक का नाम: ज़मीन वर्तमान में किसके नाम पर रजिस्टर्ड है।
- खसरा और खतौनी नंबर: ज़मीन की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाले यूनिक कोड।
- ज़मीन का क्षेत्रफल: ज़मीन कितनी बड़ी है (बीघा, एकड़ या हेक्टेयर में)।
- ज़मीन का प्रकार: क्या वह खेती योग्य है, आवासीय है या व्यावसायिक।
- लोन या विवाद की जानकारी: क्या उस ज़मीन पर बैंक का कोई कर्ज (Mortgage) है या कोई कानूनी स्टे लगा हुआ है।
घर बैठे ज़मीन का रिकॉर्ड देखने की प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के भूलेख पोर्टल पर जाएं (जैसे यूपी के लिए upbhulekh.gov.in, बिहार के लिए land.bihar.gov.in, आदि)।
- क्षेत्र का चयन करें: अपना जिला, तहसील और गाँव का चुनाव करें।
- नाम से खोजें: वहां आपको ‘खसरा/खतौनी संख्या’ या ‘खातेदार के नाम द्वारा’ खोजने का विकल्प मिलेगा। ‘नाम द्वारा’ विकल्प चुनें।
- नाम दर्ज करें: जिस व्यक्ति की ज़मीन देखनी है, उसका नाम हिंदी या अंग्रेजी (पोर्टल के अनुसार) में टाइप करें।
- विवरण देखें: सर्च बटन पर क्लिक करते ही ज़मीन का पूरा विवरण आपके सामने होगा। आप इसे PDF के रूप में डाउनलोड भी कर सकते हैं।
इस सुविधा के बड़े फायदे
- धोखाधड़ी से बचाव: ज़मीन खरीदने से पहले आप असली मालिक का पता लगा सकते हैं।
- समय की बचत: तहसील के चक्कर काटने और लेखपाल की मिन्नतें करने की ज़रूरत नहीं।
- पारदर्शिता: रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से हेरा-फेरी की गुंजाइश खत्म हो गई है।









