
अगर आप अपने बैंक खाते में बैंक द्वारा तय किया गया न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) नहीं रखते हैं, तो बैंक आप पर पेनल्टी या जुर्माना लगा सकता है। यह फाइन हर बैंक के हिसाब से अलग-अलग होता है। अपनी मेहनत की कमाई को इन फालतू खर्चों से बचाने के लिए यह बेहद ज़रूरी है कि आप अपने बैंक की मिनिमम बैलेंस लिमिट को जानें और उसे खाते में बनाए रखें। अलग-अलग सरकारी और प्राइवेट बैंकों के अपने अलग नियम हैं, जिन्हें समझकर आप पेनल्टी से सुरक्षित रह सकते हैं।
बैंकों में मिनिमम बैलेंस का नियम
सेविंग अकाउंट (बचत खाता) रखने वाले हर ग्राहक के लिए मिनिमम बैलेंस बनाए रखना ज़रूरी है। यह लिमिट इस बात पर निर्भर करती है कि आपका बैंक सरकारी है या प्राइवेट, और आपका खाता किस क्षेत्र (शहर या गाँव) में है। यदि आप इस सीमा से कम बैलेंस रखते हैं, तो बैंक हर महीने आपके खाते से नॉन-मेंटेनेंस चार्ज के रूप में पैसे काट लेता है। अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए अपने बैंक की लिमिट जानना और उसे मेंटेन करना बहुत ज़रूरी है।
SBI बचत खाता
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, SBI में मिनिमम बैलेंस की सीमा आपके रहने के स्थान पर निर्भर करती है। अगर आपका खाता मेट्रो या बड़े शहर की ब्रांच में है, तो आपको कम से कम ₹3000 रखने होंगे। छोटे शहरों (अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों) के लिए यह सीमा ₹2000 है, जबकि ग्रामीण इलाकों या गाँवों की बैंक शाखाओं में केवल ₹1000 का बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य है। इस लिमिट से कम पैसे होने पर बैंक आपसे मंथली चार्ज वसूल सकता है।
PNB मिनिमम बैलेंस नियम
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए 1 जुलाई 2025 से एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब बैंक ने सभी बचत खातों (Savings Accounts) पर मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनल्टी (जुर्माना) को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसका मतलब है कि अब चाहे आपका खाता बड़े शहर में हो या गाँव में, अगर बैलेंस ₹2000 या ₹1000 की तय सीमा से नीचे भी चला जाता है, तो बैंक आपसे कोई जुर्माना नहीं वसूलेगा। यह कदम विशेष रूप से किसानों और कम आय वाले परिवारों को बैंकिंग से जोड़ने के लिए उठाया गया है।
HDFC बैंक मिनिमम बैलेंस
प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक HDFC में न्यूनतम बैलेंस की सीमा सरकारी बैंकों की तुलना में काफी अधिक है। मेट्रो और बड़े शहरों में रहने वाले ग्राहकों को अपने सेविंग अकाउंट में कम से कम ₹10,000 बनाए रखना अनिवार्य है। वहीं, छोटे शहरों (अर्द्ध-शहरी) के लिए यह सीमा ₹5,000 और ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं के लिए यह ₹2,500 तय की गई है। इस बैलेंस को मेंटेन न करने पर बैंक भारी जुर्माना वसूल सकता है।
ICICI बैंक मिनिमम बैलेंस
प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख ICICI बैंक में न्यूनतम बैलेंस की सीमा शाखा के स्थान के आधार पर तय होती है। बड़े शहरों (मेट्रो) में ग्राहकों को खाते में कम से कम ₹10,000 रखना अनिवार्य है। अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए यह सीमा ₹5,000 है, जबकि छोटे शहरों में ₹2,500 तक का बैलेंस रखना होता है। वहीं, ग्रामीण इलाकों की शाखाओं के लिए यह लिमिट सबसे कम, यानी मात्र ₹1,000 रखी गई है। इस औसत बैलेंस को बनाए न रखने पर बैंक चार्ज वसूल सकता है।









