
हर माता-पिता अपने बच्चे के सुरक्षित भविष्य का सपना देखते हैं, और इसे सच करने का सबसे समझदारी भरा तरीका है—जल्द निवेश की शुरुआत। बच्चे के जन्म के समय से ही SIP (Systematic Investment Plan) के ज़रिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है।
हालांकि यह बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है, लेकिन लंबी अवधि (Long Term) में यह महंगाई को मात देने वाला और अन्य किसी भी स्कीम से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है। एक खास निवेश फॉर्मूले को अपनाकर आप अपने बच्चे के लिए इतना बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं कि वह मात्र 21 साल की उम्र में ही करोड़पति बन सकता है।
करोड़पति बनने का जादुई फॉर्मूला
अगर आप अपने बच्चे के भविष्य को आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित करना चाहते हैं, तो 21x10x12 का फॉर्मूला आपके काम आ सकता है। इस सरल फॉर्मूले का मतलब इस प्रकार है:
- 21: इसका मतलब है निवेश की अवधि, यानी आपको बच्चे के जन्म से लेकर उसके 21 साल का होने तक लगातार निवेश करना है।
- 10: इसका अर्थ है निवेश की राशि। आपको हर महीने 10,000 रुपये की मंथली SIP (Systematic Investment Plan) करनी होगी।
- 12: यह है अनुमानित सालाना रिटर्न। म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए औसतन 12 फीसदी का रिटर्न मिलने की उम्मीद की जाती है।
यदि आप इस फॉर्मूले पर टिके रहते हैं, तो कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की शक्ति से 21 साल बाद आपके बच्चे के पास एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाएगा, जो उसे अपनी पढ़ाई या करियर शुरू करने के लिए आर्थिक आज़ादी देगा।
₹25 लाख का निवेश और ₹1.13 करोड़ का फंड!
जब आप 21x10x12 के फॉर्मूले को लागू करते हैं, तो असली कमाल कंपाउंडिंग (Compounding) की वजह से होता है। यहाँ इस निवेश का पूरा गणित विस्तार से दिया गया है:
- कुल निवेश (Total Investment): ₹10,000 की मंथली SIP से 21 सालों में आप अपनी जेब से कुल ₹25,20,000 जमा करेंगे।
- अनुमानित ब्याज (Estimated Returns): 12% की सालाना औसत दर से इस निवेश पर आपको ₹88,66,742 केवल ब्याज (Return) के तौर पर मिलेंगे।
- कुल मैच्योरिटी (Total Wealth): 21 साल बाद आपकी मूल राशि और ब्याज को मिलाकर कुल ₹1,13,86,742 (एक करोड़ तेरह लाख से ज़्यादा) का बड़ा फंड तैयार हो जाएगा।
यह रकम आपके बच्चे की उच्च शिक्षा, विदेश में पढ़ाई या उसके खुद के बिजनेस की शुरुआत के लिए एक मज़बूत आधार बनेगी। कम उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपको ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे आपकी संपत्ति तेज़ी से बढ़ती है।









