
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों की मान्यता (Affiliation) से जुड़े ज़मीन के नियमों को काफी आसान बना दिया है। साल 2026 के नए नियमों के तहत, अब कम ज़मीन होने पर भी कई शहरों और इलाकों में सीबीएसई स्कूल खोलना मुमकिन होगा। बोर्ड ने अपने पुराने सख्त नियमों (2018 बाय-लॉज) को हटाकर एक नया और सरल चार्ट जारी किया है, जिससे स्कूल मालिकों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में हुई एक बैठक में लिया गया यह फैसला नए स्कूल खोलने की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुगम और सरल बना देगा।
CBSE स्कूल के लिए ज़मीन के नए मानक (2026)
सीबीएसई ने स्कूल खोलने के लिए ज़मीन की शर्तों को तीन मुख्य श्रेणियों में बाँटा है, जिससे अब नियमों को समझना और भी आसान हो गया है:
- कैटेगरी A (सामान्य इलाके): यदि आप देश के किसी भी सामान्य मैदानी इलाके में स्कूल खोलना चाहते हैं, तो अब 12वीं तक के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए कुल 6000 वर्ग मीटर ज़मीन होना अनिवार्य है।
- कैटेगरी B (राजधानी और पहाड़ी क्षेत्र): इस श्रेणी में राज्यों की राजधानियाँ, ‘Y’ ग्रेड के शहर और पहाड़ी दुर्गम इलाके शामिल हैं। यहाँ नियमों में थोड़ी राहत दी गई है:
- 10वीं तक (Secondary School): केवल 2400 वर्ग मीटर ज़मीन की आवश्यकता होगी।
- 12वीं तक (Senior Secondary School): इसके लिए 3200 वर्ग मीटर ज़मीन होना ज़रूरी है।
यह बदलाव उन क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत है जहाँ ज़मीन की उपलब्धता कम या कीमतें बहुत ज़्यादा हैं।
मेट्रो शहरों और विशेष राज्यों के लिए सबसे आसान नियम (कैटेगरी C)
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े मेट्रो शहरों (X कैटेगरी) के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और अंडमान-निकोबार जैसे दुर्गम इलाकों के लिए सीबीएसई ने नियमों को बेहद सरल कर दिया है। अब यहाँ कम जगह में भी बेहतरीन स्कूल बनाए जा सकेंगे:
- 10वीं तक (Secondary School): अब इन इलाकों में मात्र 1600 वर्ग मीटर ज़मीन पर स्कूल खोलना संभव होगा।
- 12वीं तक (Senior Secondary School): सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए भी केवल 2400 वर्ग मीटर ज़मीन की ज़रूरत होगी।
यह बदलाव घनी आबादी वाले महानगरों और भौगोलिक चुनौतियों वाले राज्यों में शिक्षा के विस्तार के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
खेल के मैदान के लिए नए और लचीले नियम
- अनिवार्य स्थान: स्कूल परिसर में कम से कम 2000 वर्ग मीटर का प्ले-एरिया होना ज़रूरी है।
- MOU की सुविधा: खुद की जमीन न होने पर पास के किसी स्टेडियम या पार्क के साथ 15 साल का समझौता किया जा सकता है।
- दूरी और सुरक्षा: वह मैदान स्कूल से 200 मीटर के भीतर होना चाहिए और रास्ते में कोई बड़ा हाईवे नहीं होना चाहिए।
नए नियम केवल नए आवेदनों पर लागू
सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, जो स्कूल पहले से बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। वे अपने पुराने नियमों और शर्तों के आधार पर ही चलते रहेंगे। यह नया और आसान लैंड चार्ट मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो अब नई मान्यता (Affiliation) लेना चाहते हैं या स्कूल अपग्रेड करना चाहते हैं।









