
व्हाट्सएप तो हम सबकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है ना? रोजाना ग्रुप्स में चैटिंग, मीम शेयरिंग, फैमिली अपडेट्स – सब कुछ यहीं होता है। लेकिन कभी-कभी नया मेंबर जॉइन करे और पुरानी बातें मिस हो जाएं, तो कितना कन्फ्यूजन होता है! अच्छी खबर ये है कि व्हाट्सएप अब इस प्रॉब्लम को हमेशा के लिए सॉल्व करने वाला है। कंपनी एक कमाल के फीचर पर काम कर रही है, जो ग्रुप चैट को सुपर स्मूथ बना देगा। चलिए, इसकी डिटेल्स जानते हैं, जैसे किसी दोस्त से बात कर रहे हों।
पुरानी चैट हिस्ट्री शेयरिंग
सोचिए, आपका कोई ग्रुप है जहां पिछले हफ्ते की इम्पॉर्टेंट डिस्कशन हो गई, और नया मेंबर आया तो वो कुछ समझ ही न पाए। अभी तो व्हाट्सएप में ऐसा ही होता है – जॉइन करने के बाद सिर्फ नई मैसेजेस दिखती हैं। लेकिन ये नया ‘रिसेंट हिस्ट्री शेयरिंग’ फीचर सब बदल देगा।
मौजूदा मेंबर्स नए जॉइनर्स के साथ आखिरी 14 दिनों की 100 मैसेजेस तक शेयर कर सकेंगे। इससे नया यूजर ग्रुप का कांटेक्स्ट पकड़ लेगा – जैसे ग्रुप का पर्पस क्या है, पुरानी डिबेट्स क्या थीं। टेलीग्राम वालों को तो ये सुविधा मिली हुई है, अब व्हाट्सएप भी पीछे नहीं रहेगा।
फीचर कैसे काम करेगा?
ये फीचर बिल्कुल यूजर के कंट्रोल में होगा, ऑटोमैटिक नहीं। डिफॉल्ट में ‘ऑफ’ रहेगा, ताकि प्राइवेसी का ध्यान रखा जाए। जब आप किसी को ग्रुप में ऐड करेंगे, तो ‘एड मेंबर’ स्क्रीन पर नीचे ‘रिसेंट मैसेजेस शेयर करें’ का ऑप्शन पॉप अप हो जाएगा। चेक करके चुन लीजिएगा।
शेयर होते ही ग्रुप में एक सिस्टम मैसेज आएगा – जैसे “राहुल ने नितिन के साथ रिसेंट हिस्ट्री शेयर की”। और खास बात, ये पुरानी मैसेजेस अलग कलर में हाइलाइट होंगी, ताकि नया और पुराना अलग दिखे। कितना सिंपल और यूजर-फ्रेंडली है ना!
प्राइवेसी और सिक्योरिटी का पूरा ध्यान
व्हाट्सएप को पता है कि प्राइवेसी सबसे बड़ा इश्यू है। इसलिए ये फीचर सिर्फ मौजूदा मेंबर ही एक्टिवेट करेगा, वो भी नए मेंबर को ऐड करते वक्त। लिमिटेड मैसेजेस (100 तक, 14 दिनों के) ही शेयर होंगे, तो ग्रुप का पूरा हिस्ट्री लीक नहीं होगा। सिस्टम मैसेज से ट्रांसपेरेंसी भी बनी रहेगी। अगर ग्रुप एडमिन सेंसिटिव टॉपिक्स पर चैट करता है, तो वो ऑप्शन को इग्नोर कर सकता है। कुल मिलाकर, ये फीचर ग्रुप को और मजबूत बनाएगा बिना प्राइवेसी ब्रेक किए।
कब मिलेगा ये अपडेट?
अभी ये फीचर iOS यूजर्स के लिए बीटा टेस्टिंग में है। iPhone वालों को पहले मिल सकता है। एंड्रॉयड पर भी टीजर आ चुका है, लेकिन रोलआउट iOS से शुरू हो रहा लगता है। स्टेबल वर्जन में आने में थोड़ा टाइम लगेगा, क्योंकि टेस्टिंग धीरे-धीरे चल रही है। अगर आप बीटा प्रोग्राम में हैं, तो चेक कर लीजिए। बाकी यूजर्स को कुछ हफ्ते या महीनों में अपडेट मिल जाएगा। व्हाट्सएप का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो बड़े फीचर्स जल्दी रोलआउट होते हैं।
ग्रुप चैटिंग का फ्यूचर अब और मजेदार!
ये फीचर ग्रुप्स को प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों लेवल पर बेहतर बनाएगा। फैमिली ग्रुप में पुरानी प्लानिंग शेयर हो जाएगी, वर्क ग्रुप में मीटिंग्स का कांटेक्स्ट क्लियर रहेगा। नए मेंबर्स को ‘आउटसाइडर’ फील नहीं होगा। व्हाट्सएप लगातार ऐसे अपडेट्स ला रहा है जो यूजर एक्सपीरियंस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाते हैं। क्या पता, जल्द ही ग्रुप वीडियो कॉल्स या AI समरी जैसे फीचर्स भी आ जाएं।
तो दोस्तों, ये फीचर आपके व्हाट्सएप ग्रुप्स को रिवॉल्यूशनाइज करने वाला है। अगर आप बीटा यूजर हैं, तो ट्राई करके बताइएगा। बाकी, अपडेट का इंतजार कीजिए और ग्रुप्स को और एक्टिव बनाइए। व्हाट्सएप रियली लिसनिंग टू यूजर्स!









