
आजकल बैंक अकाउंट खुलवाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, हर जगह आधार कार्ड का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। जब भी आप किसी काम के लिए आधार के जरिए अपनी पहचान साबित करते हैं, तो उसकी एक डिजिटल हिस्ट्री तैयार हो जाती है। इसे ‘आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री’ कहते हैं, जिसमें यह पूरा रिकॉर्ड होता है कि आपका आधार कब, किस जगह और किस काम के लिए उपयोग किया गया है। अपनी इस हिस्ट्री की जानकारी रखना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे आप यह पता लगा सकते हैं कि कहीं आपके आधार का कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है।
किसी और की गलती की सजा आपको न मिले, ऐसे रहें सावधान
आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहाँ किसी अनजान व्यक्ति ने दूसरे के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। सबसे डराने वाली बात यह है कि यदि आपके आधार का गलत इस्तेमाल होता है, तो कानूनी तौर पर पहली जिम्मेदारी आपकी मानी जाती है और पुलिस जाँच के घेरे में सबसे पहले आप ही आते हैं।
अपनी बेगुनाही साबित करना एक लंबी और मुश्किल प्रक्रिया हो सकती है। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप समय-समय पर अपने आधार की उपयोग हिस्ट्री (History) चेक करते रहें, ताकि आपको पता चल सके कि आपकी जानकारी का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है।
ऐसे पकड़ें अपने आधार का गलत इस्तेमाल
आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री आपके लिए एक शक्तिशाली सुरक्षा टूल की तरह काम करती है। इसके जरिए आप आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि आपके आधार कार्ड का उपयोग कहाँ-कहाँ किया गया है। यदि हिस्ट्री चेक करते समय आपको कोई ऐसा ट्रांजैक्शन या वेरिफिकेशन दिखाई देता है जो आपने खुद नहीं किया, तो यह तुरंत सतर्क होने का संकेत है। अपनी आधार हिस्ट्री की नियमित जाँच करके आप न केवल किसी भी संभावित धोखाधड़ी को समय रहते पकड़ सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े वित्तीय या कानूनी नुकसान से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
घर बैठे चेक करें अपनी आधार हिस्ट्री
अपने आधार कार्ड के इस्तेमाल का पूरा रिकॉर्ड देखने के लिए आपको सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट ([संदिग्ध लिंक हटा दिया गया]) पर जाना होगा। वेबसाइट खुलने के बाद होमपेज पर दिए गए ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाएं, जहाँ आपको ‘Aadhaar Authentication History’ का विकल्प मिलेगा। अगर आप कम समय में सीधे उस पेज पर पहुँचना चाहते हैं, तो आप सीधे https://resident.uidai.gov.in/aadhaar-auth-history लिंक का भी उपयोग कर सकते हैं। यह पोर्टल आपको पारदर्शी तरीके से यह देखने की सुविधा देता है कि आपकी पहचान का सत्यापन पिछली बार कब और कहाँ किया गया था।
सुरक्षित तरीके से लॉगिन करें अपनी आधार हिस्ट्री में
आधार नंबर दर्ज करने के बाद अगला चरण आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए आपको अपना 12 अंकों का आधार नंबर और स्क्रीन पर दिया गया सिक्योरिटी कैप्चा भरना होगा। जैसे ही आप ‘Send OTP’ बटन पर क्लिक करेंगे, आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। इस OTP को पोर्टल पर दर्ज करते ही आप अपने व्यक्तिगत डैशबोर्ड पर पहुँच जाएंगे। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि आपके आधार की संवेदनशील जानकारी केवल आप ही देख सकें और कोई अन्य व्यक्ति इसका गलत फायदा न उठा सके।
ओटीपी भरते ही सामने आएगी आधार की सच्चाई
ओटीपी (OTP) सबमिट करते ही आपके कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर उन सभी जगहों की सूची आ जाएगी, जहाँ आपका आधार कार्ड इस्तेमाल हुआ है। हालांकि, सुरक्षा और डेटा मैनेजमेंट के कारण UIDAI केवल पिछले छह महीनों का रिकॉर्ड ही प्रदर्शित करता है। इस लिस्ट को देखकर आप आसानी से मिलान कर सकते हैं कि दिखाए गए वेरिफिकेशन आपने स्वयं किए हैं या नहीं। यदि आपको उस सूची में कोई ऐसा इस्तेमाल दिखता है जिसे आपने नहीं किया, तो आप तुरंत समझ सकते हैं कि आपके आधार के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है।
आधार हिस्ट्री से खुद करें संदिग्ध गतिविधियों की पहचान
आमतौर पर हमें याद रहता है कि हमने अपना आधार कार्ड कब और किस काम के लिए इस्तेमाल किया है। ऐसे में समय-समय पर ऑनलाइन हिस्ट्री की जाँच करना आपको किसी भी बड़े धोखे से बचा सकता है। पोर्टल पर दिए गए रिकॉर्ड का अपने कार्यों से मिलान करके आप तुरंत किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल बेहद आसान है, बल्कि आपके आधार की डिजिटल सुरक्षा को भी कई गुना मजबूत बनाती है। अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहना ही सबसे बेहतर तरीका है।









