
26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है, जिसकी तैयारियां देशभर में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। यह दिन हमें साल 1950 की याद दिलाता है, जब भारत का अपना संविधान लागू हुआ और हमारा देश एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। केवल एक सरकारी छुट्टी न होकर, यह अवसर हमारी आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के जश्न का है। इस खास मौके पर स्कूल, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों व सुंदर झांकियों के जरिए देश की एकता और वीरता की झलक दिखाई देती है, जो हर नागरिक के मन में देशभक्ति का जोश भर देती है।
दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड क्यों है पूरी दुनिया में खास?
गणतंत्र दिवस के जश्न का सबसे मुख्य आकर्षण नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड है। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की अजेय सैन्य शक्ति और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत मेल है। यह दिन हर भारतीय को उनके संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता है। हवा में गूंजती देशभक्ति की धुनें और अलग-अलग राज्यों की सुंदर झांकियां पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरो देती हैं। इस उत्सव के जरिए दुनिया भारत के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक प्रगति के बेजोड़ सामंजस्य को देखती है।
क्यों 26 जनवरी को ही चुना गया ऐतिहासिक दिन
भारत को आजादी भले ही 15 अगस्त 1947 को मिल गई थी, लेकिन एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में सुचारू रूप से चलने के लिए हमें अपने कानूनों और संविधान की जरूरत थी। इसी उद्देश्य से डॉ. बी.आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में एक ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया गया, जिसने दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार किया। यह संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ, जिसे आज हम ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाते हैं। इसके ठीक दो महीने बाद, 26 जनवरी 1950 को इसे पूरे देश में लागू किया गया और भारत आधिकारिक तौर पर एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इसी ऐतिहासिक गौरव को याद करने के लिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
इस साल भारत मनाएगा अपना 77वां गणतंत्र दिवस, जानें क्या है खास
अक्सर लोगों के मन में इस बात को लेकर उलझन रहती है कि इस साल कौन सा गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार यह ऐतिहासिक दिन सोमवार को पड़ रहा है, जिससे कई लोगों के लिए यह एक ‘लॉन्ग वीकेंड’ का अवसर भी बन रहा है। देश भर में इस दिन को लेकर उत्साह चरम पर है और राजधानी दिल्ली से लेकर हर गांव-शहर तक तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान की गूँज सुनने को मिलेगी।
‘वंदे मातरम’ के 150 साल की थीम पर सजेगा कर्तव्य पथ
इस साल 26 जनवरी का मुख्य आकर्षण नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली ऐतिहासिक परेड होगी। साल 2026 की परेड बेहद खास होने वाली है क्योंकि इसका मुख्य विषय (Theme) ‘वंदे मातरम’ के 150 साल रखा गया है। यह थीम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और हमारी बढ़ती आधुनिक सैन्य शक्ति के बेजोड़ संगम को दुनिया के सामने पेश करेगी। परेड के दौरान अत्याधुनिक टैंकों और मिसाइलों के प्रदर्शन के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ की गौरवशाली यात्रा को दर्शाती विशेष झांकियां भी देशवासियों में देशभक्ति का नया जोश भरेंगी।
यूरोपीय संघ के दिग्गज होंगे मुख्य अतिथि
गणतंत्र दिवस 2026 इस बार अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और राष्ट्रीय गौरव का एक शानदार संगम बनने जा रहा है। इस वर्ष के भव्य समारोह में दो खास अंतरराष्ट्रीय गणमान्य अतिथि शामिल होंगे— यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। इन वैश्विक नेताओं की उपस्थिति भारत और यूरोप के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाएगी। ‘वंदे मातरम’ की थीम और इन बड़े वैश्विक चेहरों की मौजूदगी के साथ, 2026 का यह गणतंत्र दिवस इतिहास, वीरता और भारत की बढ़ती वैश्विक धमक का एक अविस्मरणीय उत्सव साबित होगा।









