
उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने की राह देख रहे दो लाख लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन लाभार्थियों के बैंक खातों में घर बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये सीधे (DBT के माध्यम से) भेज दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर गरीब परिवार अपने पक्के मकान में रह सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्माण कार्य आगे बढ़ने के साथ ही अगली किस्त भी जल्द ही लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?
प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत जून 2015 में इस संकल्प के साथ की गई थी कि देश के हर जरूरतमंद परिवार के पास अपना पक्का मकान हो। इस योजना का मुख्य लक्ष्य उन लोगों को छत मुहैया कराना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। योजना के अंतर्गत, सरकार घर बनाने के लिए लाभार्थियों को सीधे वित्तीय सहायता (पैसा) प्रदान करती है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के सुरक्षित और मजबूत मकान का निर्माण कर सकें।
किन्हें मिलता है पीएम आवास योजना का लाभ?
प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य लाभ उन परिवारों को दिया जाता है जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं है। यह नियम परिवार के सभी सदस्यों पर लागू होता है। योजना के तहत विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) से आने वाले शहरी परिवारों को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज के हर वर्ग को उनकी आय के अनुसार घर बनाने के लिए जरूरी आर्थिक सहायता मिल सके।
पीएम आवास योजना के लिए आय सीमा और प्राथमिकता के नियम
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए सरकार ने आय के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। इसके तहत ₹3 लाख तक की सालाना आय वाले परिवार EWS, ₹3 से ₹6 लाख वाले LIG, ₹6 से ₹12 लाख वाले MIG-I और ₹12 से ₹18 लाख तक की आय वाले परिवार MIG-II श्रेणी में आते हैं। योजना के अंतर्गत सबसे पहले उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है जो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखते हैं, ताकि समाज के वंचित वर्गों को सबसे पहले पक्की छत मिल सके।
कम आय वालों को पहले मिलेगा घर, सरकार देगी ₹1.20 लाख की मदद
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन में कम वेतन वाले परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। सरकार का प्रयास है कि सीमित आय वाले लोगों को सबसे पहले पक्का मकान मिल सके। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति मकान (प्रति यूनिट) ₹1,20,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस नकद मदद के अलावा, लाभार्थियों को शौचालय निर्माण और मजदूरी के लिए अलग से भी अन्य सरकारी लाभ दिए जाते हैं, जिससे घर बनाने का कुल खर्च काफी कम हो जाता है।
ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाना होगा, जहाँ ‘Citizen Assessment’ के विकल्प को चुनना होता है। यहाँ आपको अपने राज्य का नाम, अपनी वार्षिक आय और आप किस तरह का लाभ (जैसे घर बनाना या घर सुधारना) चाहते हैं, उसकी जानकारी देनी होगी।
आवेदन के दौरान आपसे यह भी पूछा जाएगा कि क्या आपके पास पहले से कोई पक्का मकान है या आपने पिछले 20 वर्षों में सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ लिया है। इन जानकारियों को सही-सही भरने और आधार कार्ड से सत्यापन करने के बाद ही आपका आवेदन स्वीकार किया जाता है।
आधार ओटीपी से होगा वेरिफिकेशन
प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल पर अपनी प्रारंभिक जानकारी भरने के बाद, आपको ‘Eligibility Check’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपना आधार नंबर और आधार कार्ड पर लिखा नाम दर्ज करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे भरते ही आपकी पहचान सत्यापित हो जाएगी।
ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मांगी गई सभी व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारियां भरें और अंत में ‘Final Submit’ बटन पर क्लिक करें। आपके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की विभाग द्वारा जांच की जाएगी और पात्रता सही पाए जाने पर घर बनाने के लिए राशि सीधे आपके खाते में भेज दी जाएगी।









